सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट में लाइब्रेरी को लेकर SC सख्त, 2 लाख पुरानी किताबों पर भी सवाल

सुप्रीम कोर्ट ने सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत बनने वाली नई लाइब्रेरी और उसमें रखी जाने वाली लाखों किताबों को लेकर गंभीर चिंता जताई है। कोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा है कि नई लाइब्रेरी में मौजूदा किताबों के साथ लंबे समय से आरके पुरम में रखी करीब 2 लाख किताबों के लिए क्या व्यवस्था की जाएगी। मामले पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को 3 सप्ताह के भीतर हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। सरकार को नई लाइब्रेरी की पूरी योजना, उसका क्षेत्रफल और लेआउट प्लान कोर्ट के सामने रखना होगा।
8.5 लाख किताबों और दस्तावेजों की सुरक्षा पर सवाल
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले का स्वतः संज्ञान लिया है। दरअसल, सेंट्रल विस्टा के तहत बन रहे नए ढांचे में लाइब्रेरी के लिए पर्याप्त जगह होने को लेकर सवाल सामने आए थे। कोर्ट ने करीब 8.5 लाख दुर्लभ किताबों और ऐतिहासिक दस्तावेजों की सुरक्षा और उन्हें व्यवस्थित तरीके से रखने को अहम माना है। इसी को लेकर कोर्ट यह जानना चाहता है कि नई लाइब्रेरी में इन सभी किताबों और दस्तावेजों के लिए पर्याप्त जगह और सुविधाएं हैं या नहीं।
‘1891 से चल रही लाइब्रेरी के लिए सिर्फ दो कमरे?’
सुनवाई के दौरान जस्टिस संजय कुमार ने लाइब्रेरी की जगह को लेकर चिंता जताई। उन्होंने सवाल किया कि क्या 1891 से चल रही इस पुरानी लाइब्रेरी के लिए नई इमारत में सिर्फ दो कमरे ही दिए जा रहे हैं? केंद्र सरकार ने कोर्ट को बताया कि नई इमारत में लाइब्रेरी के लिए 5,200 वर्ग फीट जगह उपलब्ध कराई जा रही है। सरकार के मुताबिक, पुरानी लाइब्रेरी करीब 4,144 वर्ग फीट में थी। इसके बावजूद कोर्ट ने केंद्र से लाइब्रेरी की पूरी योजना स्पष्ट करने को कहा है। सरकार को हलफनामे में यह बताना होगा कि नई जगह कितनी बड़ी है, उसका पूरा नक्शा क्या है और वहां किताबों को रखने की व्यवस्था किस तरह की जाएगी।
आरके पुरम में रखी 2 लाख किताबों पर भी जवाब मांगा
सुप्रीम कोर्ट ने केवल मौजूदा लाइब्रेरी की किताबों को लेकर ही सवाल नहीं किया है। कोर्ट ने आरके पुरम में कई सालों से रखी करीब 2 लाख किताबों को लेकर भी केंद्र से जवाब मांगा है। सरकार को बताना होगा कि इन किताबों को नई लाइब्रेरी में जगह दी जाएगी या इनके लिए कोई अलग व्यवस्था की जाएगी। कोर्ट ने किताबों की सुरक्षा और उन्हें सही तरीके से संरक्षित रखने की जरूरत पर भी जोर दिया।
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वरिष्ठ वकील हरिप्रिया पद्मनाभन कोर्ट की मदद करेंगी
मामले की सुनवाई जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस संजीव सचदेवा की बेंच कर रही है। बेंच ने वरिष्ठ वकील हरिप्रिया पद्मनाभन से इस मामले में कोर्ट की सहायता करने को कहा है। वहीं सुनवाई के दौरान अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (ASG) ऐश्वर्या भाटी ने कोर्ट को बताया कि सेंट्रल विस्टा प्लान में लाइब्रेरी के लिए जगह निर्धारित की गई है। उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारी भी कोर्ट में मौजूद हैं।
सरकार ने भी दी सफाई
केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय ने सोशल मीडिया के जरिए भी इस मामले पर जानकारी दी है। मंत्रालय के मुताबिक, कर्तव्य पथ पुनर्विकास योजना के तहत सेंट्रल सेक्रेटेरियट लाइब्रेरी के लिए जगह निर्धारित की गई है और इसके निर्माण की प्रक्रिया चल रही है। अब केंद्र सरकार को तीन सप्ताह में सुप्रीम कोर्ट के सामने पूरी योजना रखनी होगी। कोर्ट यह देखना चाहता है कि नई लाइब्रेरी में लाखों किताबों और ऐतिहासिक दस्तावेजों को सुरक्षित रखने के लिए पर्याप्त जगह और जरूरी सुविधाएं मौजूद हैं या नहीं।




















