Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

चुनाव आयोग पर क्यों भड़के पूर्व जज नरीमन? नियुक्ति से लेकर SIR तक उठाए गंभीर सवाल

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस रोहिंटन फली नरीमन ने चुनाव आयोग की स्वतंत्रता, चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति और पश्चिम बंगाल SIR को लेकर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने 90 लाख वोटरों के नाम हटाए जाने, चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया और वोट के अधिकार पर चिंता जताई। नरीमन ने PM, विपक्ष के नेता और CJI वाली नियुक्ति व्यवस्था की मांग की।
चुनाव आयोग पर क्यों भड़के पूर्व जज नरीमन? नियुक्ति से लेकर SIR तक उठाए गंभीर सवाल
पूर्व जज नरीमन ने चुनाव आयोग पर उठाए गंभीर सवाल।

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस रोहिंटन फली नरीमन ने भारत के चुनाव आयोग के कामकाज और उसकी स्वतंत्रता को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि अगर चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति मौजूदा सरकार के हाथ में होगी, तो चुनाव आयोग की निष्पक्षता और स्वतंत्रता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्त (नियुक्ति, सेवा की शर्तें और कार्यकाल) अधिनियम, 2023 का जिक्र करते हुए कहा कि इस कानून में चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति वाली समिति से भारत के मुख्य न्यायाधीश को हटा दिया गया है। उनकी जगह प्रधानमंत्री द्वारा नामित केंद्रीय कैबिनेट मंत्री को शामिल किया गया है।

‘सरकार नियुक्त करेगी तो स्वतंत्रता कैसे बचेगी?’

जस्टिस नरीमन ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने के लिए सुप्रीम कोर्ट के जज जैसी प्रक्रिया अपनाई जाती है। लेकिन अगर नियुक्ति ही मौजूदा सरकार के हाथ में है, तो हटाने की यह प्रक्रिया चुनाव आयोग की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए कितनी प्रभावी होगी, यह बड़ा सवाल है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के बाकी दो आयुक्तों की नियुक्ति भी मौजूदा सरकार करती है। उन्हें हटाने के लिए मुख्य चुनाव आयुक्त की सहमति जरूरी होती है। ऐसे में पूरी व्यवस्था की स्वतंत्रता को लेकर सवाल उठते हैं। जस्टिस नरीमन ने सुझाव दिया कि चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति के लिए प्रधानमंत्री, विपक्ष के नेता और मुख्य न्यायाधीश या उनके नामित व्यक्ति को मिलकर सबसे उपयुक्त नाम तय करना चाहिए। उनके मुताबिक इससे यह भरोसा मजबूत होगा कि चुनाव में पड़े वोटों का सही परिणाम सामने आए।

ये भी पढ़ें: SIR विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई , CEC ज्ञानेश कुमार के फैसलों पर उठे सवाल

पश्चिम बंगाल में 90 लाख वोटरों का मुद्दा उठाया

जस्टिस नरीमन ने पश्चिम बंगाल में हुए SIR (Special Intensive Revision) का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि करीब 90 लाख वोटरों के नाम हटाए जाने की बात सामने आई, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस प्रक्रिया पर रोक लगाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया। उन्होंने कहा कि करीब 22 लाख लोगों ने अपने नाम हटाए जाने के खिलाफ अपील की। इनमें करीब एक लाख अपीलों के फैसलों में लगभग 93 फीसदी मामले वोटरों के पक्ष में गए। जस्टिस नरीमन के मुताबिक, यह आंकड़ा बताता है कि बड़ी संख्या में लोगों को वोट देने के अधिकार से बाहर किए जाने का मामला गंभीर था। उन्होंने कहा कि जिन लोगों के नाम हटाए गए, उनमें से कई लोग ऐसे भी हो सकते हैं जिनके पास अपने अधिकार के लिए कानूनी लड़ाई लड़ने के पर्याप्त साधन नहीं थे।

चुनाव आयुक्तों की आपत्ति पर भी सवाल

जस्टिस नरीमन ने इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि दो चुनाव आयुक्तों ने मुख्य चुनाव आयुक्त के कुछ फैसलों पर आपत्ति जताई थी। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर दोनों चुनाव आयुक्तों को फैसलों पर आपत्ति थी, तो उन्होंने 2023 के कानून की धारा 18 के तहत अपने अधिकार का इस्तेमाल क्यों नहीं किया। इस प्रावधान के तहत चुनाव आयोग में दो-तिहाई बहुमत से लिया गया फैसला लागू किया जा सकता है। जस्टिस नरीमन ने कहा कि शायद इसकी वजह यह रही हो कि दोनों चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति भी मौजूदा सरकार ने की थी। उन्होंने इस स्थिति को लोकतंत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय बताया।

‘वोट देने का अधिकार बड़े खतरे में’

जस्टिस नरीमन ने कहा कि आज सबसे बड़ी चिंता आम नागरिक के वोट देने के अधिकार को लेकर है। उन्होंने वोट के अधिकार को संविधान और लोकतंत्र की ‘धड़कन’ बताया। उन्होंने उम्मीद जताई कि सुप्रीम कोर्ट चुनाव आयोग से जुड़े इन मामलों में जल्द हस्तक्षेप करेगा और व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए जरूरी कदम उठाएगा। उनका कहना था कि देश में ऐसा चुनाव आयोग नहीं होना चाहिए जो अपनी जिम्मेदारियों को स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से पूरा करने में असफल रहे। उनके मुताबिक, चुनाव आयोग की स्वतंत्रता सीधे तौर पर लोकतंत्र और आम नागरिक के वोट के अधिकार से जुड़ी है।

Dolly Wasvani
By Dolly Wasvani

डोली वासवानी | People’s Institute of Media Studies से BAMC Student। पत्रकारिता की दुनिया में नई शुरु...

Latest Posts