आपदा से मिलेगी चेतावनी! NASA-ISRO का ‘NISAR’ सैटेलाइट 30 जुलाई को होगा लॉन्च

आपदा से मिलेगी चेतावनी! NASA-ISRO का ‘NISAR’ सैटेलाइट 30 जुलाई को होगा लॉन्च
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    NISAR Mission : αñ«αñ╛αñ¿αñ╡ αñçαññαñ┐αñ╣αñ╛αñ╕ αñòαñ╛ αñ╕αñ¼αñ╕αÑç αññαñ╛αñòαññαñ╡αñ░ αñàαñ░αÑìαñÑ αñæαñ¼αÑìαñ£αñ░αÑìαñ╡αÑçαñ╢αñ¿ αñ╕αÑêαñƒαÑçαñ▓αñ╛αñçαñƒ NISAR (NASA-ISRO Synthetic Aperture Radar) αñàαñ¼ αñ▓αÑëαñ¿αÑìαñÜαñ┐αñéαñù αñòαÑç αñ▓αñ┐αñÅ αññαÑêαñ»αñ╛αñ░ αñ╣αÑêαÑñ αñçαñ╕ αñ╕αñéαñ»αÑüαñòαÑìαññ αñàαñ«αÑçαñ░αñ┐αñòαÑÇ-αñ¡αñ╛αñ░αññαÑÇαñ» αñ«αñ┐αñ╢αñ¿ αñòαÑï 30 αñ£αÑüαñ▓αñ╛αñê 2025 αñòαÑï αñ╢αñ╛αñ« 5:40 αñ¼αñ£αÑç αñ╢αÑìαñ░αÑÇαñ╣αñ░αñ┐αñòαÑïαñƒαñ╛ αñòαÑç αñ╕αññαÑÇαñ╢ αñºαñ╡αñ¿ αñ╕αÑìαñ¬αÑçαñ╕ αñ╕αÑçαñéαñƒαñ░ αñ╕αÑç GSLV-Mk2 αñ░αÑëαñòαÑçαñƒ αñòαÑç αñ£αñ░αñ┐αñÅ αñ▓αÑëαñ¿αÑìαñÜ αñòαñ┐αñ»αñ╛ αñ£αñ╛αñÅαñùαñ╛αÑñ αñ»αñ╣ αñ╕αÑêαñƒαÑçαñ▓αñ╛αñçαñƒ αñºαñ░αññαÑÇ αñ¬αñ░ αñåαñ¿αÑç αñ╡αñ╛αñ▓αÑÇ αñ▓αñùαñ¡αñù αñ╣αñ░ αñ¬αÑìαñ░αñ╛αñòαÑâαññαñ┐αñò αñåαñ¬αñªαñ╛ αñòαÑÇ αñ╕αñƒαÑÇαñò αñöαñ░ αñ¬αñ╣αñ▓αÑç αñ╕αÑç αñ£αñ╛αñ¿αñòαñ╛αñ░αÑÇ αñªαÑçαñùαñ╛αÑñ

    भूकंप-तूफान से पहले देगा अलर्ट

    NISAR को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह धरती की सतह पर हो रहे टेक्टोनिक मूवमेंट, भूकंप, भूस्खलन, जंगलों में आग, ज्वालामुखी, बिजली गिरना, चक्रवात, बवंडर, और ग्लेशियरों के पिघलने जैसी आपदाओं का विश्लेषण करके पहले से चेतावनी जारी कर सकता है।

    यह सैटेलाइट टेक्टोनिक प्लेट्स की मूवमेंट को सेंटीमीटर के स्तर तक रिकॉर्ड करेगा, जिससे पता चल सकेगा कि कहां और कब भूकंप की आशंका है।

    Uploaded media

    हर बार नई तस्वीरों से करेगा एनालिसिस

    NISAR पृथ्वी की सतह की हर 12 दिन में एक बार पूरी स्कैनिंग करेगा। यानी एक स्थान की ताजा तस्वीरें 12 दिन बाद फिर से लेगा। इससे जलवायु, पर्यावरण और आपदाओं के बदलावों को समझने में वैज्ञानिकों को लगातार डाटा मिलता रहेगा। नासा वैज्ञानिक कैथलीन जोन्स के मुताबिक, इससे पूरी दुनिया को आने वाले मौसम और आपदाओं की जानकारी पहले से मिल सकेगी।

    कैसा होगा सैटेलाइट का ढांचा?

    NISAR में एक बड़ा मेन बस होगा जिसमें कई वैज्ञानिक उपकरण होंगे जैसे ट्रांसपोंडर, टेलीस्कोप और रडार सिस्टम। इसमें एक आर्म निकलेगा, जिसके ऊपर एक सिलेंडरनुमा डिश लगी होगी। लॉन्चिंग के कुछ घंटों बाद यह डिश खुल जाएगी और एक बड़ी छतरीनुमा डिश एंटीना सामने आएगी। यही उसका सिंथेटिक अपर्चर रडार होगा।

    दुनिया का सबसे महंगा अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट

    • αñ▓αñ╛αñùαññ: αñ▓αñùαñ¡αñù 10,000 αñòαñ░αÑïαñíαñ╝ αñ░αÑüαñ¬αñÅ
    • αñ▓αÑëαñ¿αÑìαñÜαñ┐αñéαñù αñ░αÑëαñòαÑçαñƒ: GSLV-Mk2
    • αñ▓αÑëαñ¿αÑìαñÜαñ┐αñéαñù αñ╕αÑìαñÑαñ╛αñ¿: αñ╕αññαÑÇαñ╢ αñºαñ╡αñ¿ αñ╕αÑìαñ¬αÑçαñ╕ αñ╕αÑçαñéαñƒαñ░, αñ╢αÑìαñ░αÑÇαñ╣αñ░αñ┐αñòαÑïαñƒαñ╛
    • αñ«αñ┐αñ╢αñ¿ αñàαñ╡αñºαñ┐: αñ¿αÑìαñ»αÑéαñ¿αññαñ« 5 αñ╕αñ╛αñ▓, αñ╕αñéαñ¡αñ╛αñ╡αñ┐αññ αñ╡αñ┐αñ╕αÑìαññαñ╛αñ░ αñ╕αñéαñ¡αñ╡

    यह अब तक का सबसे महंगा अर्थ ऑब्जरवेशन सैटेलाइट मिशन होगा, जिसे किसी दो देशों ने संयुक्त रूप से बनाया है।

    कचरे और अंतरिक्षीय खतरों पर भी रहेगी नजर

    NISAR सिर्फ पृथ्वी की आपदाओं तक सीमित नहीं रहेगा। यह अंतरिक्ष से धरती की ओर आने वाले खतरों, माइक्रोमेटियरॉइड्स, और स्पेस डेब्रिस (अंतरिक्षीय कबाड़) पर भी नजर रखेगा। साथ ही पेड़-पौधों की बढ़ती या घटती संख्या, जलवायु परिवर्तन, और समुद्री जलस्तर की निगरानी भी करेगा।

    भारत और अमेरिका की साझेदारी

    • αñÅαñ▓-αñ¼αÑêαñéαñí αñƒαÑìαñ░αñ╛αñéαñ╕αñ¬αÑïαñéαñíαñ░ (αñùαñ╣αñ░αÑÇ αñ╕αññαñ╣ αñòαÑç αñÅαñ¿αñ╛αñ▓αñ┐αñ╕αñ┐αñ╕ αñ╣αÑçαññαÑü) – αñ¿αñ╛αñ╕αñ╛ αñªαÑìαñ╡αñ╛αñ░αñ╛ αñ╡αñ┐αñòαñ╕αñ┐αññ
    • αñÅαñ╕-αñ¼αÑêαñéαñí αñ░αñíαñ╛αñ░ αñ╕αñ┐αñ╕αÑìαñƒαñ« (αñ╕αÑìαñÑαñ╛αñ¿αÑÇαñ» αñ¼αñªαñ▓αñ╛αñ╡αÑïαñé αñòαÑç αñàαñºαÑìαñ»αñ»αñ¿ αñ╣αÑçαññαÑü) – ISRO αñªαÑìαñ╡αñ╛αñ░αñ╛ αñ¿αñ┐αñ░αÑìαñ«αñ┐αññ
    • αñ»αñ╣ αñªαÑïαñ╣αñ░αÑÇ αñ░αñíαñ╛αñ░ αñ¬αÑìαñ░αñúαñ╛αñ▓αÑÇ αñçαñ╕αÑç αñ¼αñ╛αñòαÑÇ αñ╕αñ¡αÑÇ αñ╕αÑêαñƒαÑçαñ▓αñ╛αñçαñƒαÑìαñ╕ αñ╕αÑç αñ╕αñƒαÑÇαñò αñöαñ░ αñ╡αñ┐αñ╢αñ┐αñ╖αÑìαñƒ αñ¼αñ¿αñ╛αññαÑÇ αñ╣αÑê

    Nisar Mission

    Nasa-isro

    Nisar Satellite

    isro news today hindi

    ISRO News

    ISRO

    Mithilesh Yadav
    By Mithilesh Yadav

    αñ╡αñ░αÑìαññαñ«αñ╛αñ¿ αñ«αÑçαñé αñ¬αÑÇαñ¬αÑüαñ▓αÑìαñ╕ αñ╕αñ«αñ╛αñÜαñ╛αñ░ αñòαÑç αñíαñ┐αñ£αñ┐αñƒαñ▓ α...

    Latest Posts