Test Anshayमध्य प्रदेश के 14 जिलों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट, 23 से 26 अगस्त तक आफत के आसार

मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के लिए मध्य प्रदेश के 14 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इनमें श्योपुर, मुरैना, भिंड, शिवपुरी, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, डिंडौरी और सीधी शामिल हैं।
मध्य प्रदेश के 14 जिलों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट, 23 से 26 अगस्त तक आफत के आसार

मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय नजर आ रहा है। प्रदेश के पूर्वी हिस्से में निम्न दाब क्षेत्र यानी लो प्रेशर एरिया और मानसून ट्रफ सक्रिय होने के कारण कई जिलों में बारिश का दौर जारी है। शनिवार को कई इलाकों में तेज बारिश हुई, जिसके बाद नदी-नालों का जलस्तर भी बढ़ गया। मौसम विभाग ने रविवार को प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। खासतौर पर जबलपुर, चंबल और नर्मदापुरम संभाग में भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। वहीं राजधानी भोपाल में हल्की बारिश हो सकती है।

14 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार, अगले 24 घंटे के दौरान प्रदेश के 14 जिलों में भारी बारिश की संभावना है। इन जिलों में श्योपुर, मुरैना, भिंड, शिवपुरी, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, डिंडौरी और सीधी शामिल हैं।इन इलाकों में कुछ स्थानों पर तेज बारिश हो सकती है। लगातार बारिश की स्थिति में निचले इलाकों में पानी भरने और नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने की आशंका भी बनी हुई है। मौसम विभाग ने लोगों से मौसम की स्थिति पर नजर रखने और तेज बारिश के दौरान सावधानी बरतने की अपील की है।

शनिवार को कई जगह नदी-नाले उफान पर

शनिवार को मध्य प्रदेश के कई जिलों में बारिश का असर देखने को मिला। बालाघाट, छतरपुर, नरसिंहपुर, सतना, सीधी और पन्ना समेत कई इलाकों में बारिश के कारण नदी और नालों का जलस्तर बढ़ गया। कुछ जगहों पर पानी तेज बहाव के साथ बहता नजर आया। लगातार बारिश वाले क्षेत्रों में लोगों को नदी-नालों के आसपास नहीं जाने की सलाह दी गई है। बारिश के कारण ग्रामीण और निचले इलाकों में भी परेशानी बढ़ सकती है। प्रशासन भी ऐसे क्षेत्रों पर नजर बनाए हुए है, जहां भारी बारिश के बाद जलभराव या बाढ़ जैसी स्थिति बन सकती है।

भोपाल में हल्की बारिश के आसार

राजधानी भोपाल में रविवार को हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है। शहर में बादल छाए रहने और कुछ इलाकों में बारिश होने की उम्मीद है। हालांकि, भोपाल में फिलहाल भारी बारिश का अलर्ट नहीं है। इसके बावजूद मौसम में बदलाव के कारण कभी तेज तो कभी हल्की बारिश हो सकती है। भोपाल के साथ सीहोर, राजगढ़ और विदिशा में भी बारिश की संभावना बनी हुई है।

इन जिलों में भी हो सकती है बारिश

मध्य प्रदेश के कई अन्य जिलों में भी मौसम खराब रहने की संभावना है। भोपाल संभाग के अलावा इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, रीवा, शहडोल, सागर और जबलपुर संभाग के कई जिलों में बारिश हो सकती है। भोपाल, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम और हरदा में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा ग्वालियर, गुना, दतिया, अशोकनगर, जबलपुर, कटनी, मंडला, रीवा, सतना, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में भी बारिश का दौर जारी रह सकता है।

मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, 21 और 22 अगस्त को पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश की स्थिति ज्यादा संवेदनशील रही। अब 23 से 26 अगस्त के बीच भी प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश होने की संभावना बनी हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश के साथ-साथ पश्चिमी हिस्से में भी कुछ स्थानों पर तेज बारिश हो सकती है। इसका असर सड़क यातायात, निचले इलाकों और नदी-नालों के जलस्तर पर पड़ सकता है। मानसून सिस्टम सक्रिय रहने के कारण आने वाले दिनों में मौसम में ज्यादा बदलाव देखने को मिल सकता है।

किसानों के लिए भी अहम है मौसम का अपडेट

मध्य प्रदेश के बड़ी संख्या में किसान खेती के लिए मानसून की बारिश पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में लगातार हो रही बारिश जहां कई फसलों के लिए फायदेमंद हो सकती है, वहीं जरूरत से ज्यादा पानी कुछ क्षेत्रों में परेशानी भी पैदा कर सकता है। खेतों में पानी जमा होने, फसलों को नुकसान और निचले इलाकों में जलभराव जैसी स्थिति से किसानों को सतर्क रहने की जरूरत है। स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान देना जरूरी है।

नदी-नालों के पास जाने से बचें

भारी बारिश के दौरान सबसे ज्यादा खतरा नदी, नाले और जलभराव वाले इलाकों में रहता है। बारिश के बाद छोटे नदी-नाले भी अचानक उफान पर आ सकते हैं। ऐसे में लोगों को पानी के तेज बहाव को पार करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। मौसम विभाग के अलर्ट वाले जिलों में लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। जरूरी न हो तो खराब मौसम के दौरान लंबी यात्रा से बचना भी बेहतर रहेगा।

MP में अभी थमा नहीं मानसून

मध्य प्रदेश में मानसून अभी सक्रिय बना हुआ है। पूर्वी हिस्से में लो प्रेशर एरिया और मानसून ट्रफ के प्रभाव से बारिश का दौर जारी है। अगले कुछ दिनों में भी प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश होने की संभावना है।

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