Test AnshayMahila PU Special : मध्यप्रदेश में पांच साल में 27% बढ़े उच्च शिक्षा के एडमिशन, महिला नामांकन में भी 28% की बढ़ोतरी
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03:30 PM 06/10/26
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रामचंद्र पांडेय, भोपाल। मध्यप्रदेश में उच्च शिक्षा को लेकर विद्यार्थियों की दिलचस्पी लगातार बढ़ रही है। पारंपरिक विषयों के साथ अब तकनीकी, चिकित्सा, कृषि, पत्रकारिता, होटल प्रबंधन और दूसरे नए क्षेत्रों में भी विद्यार्थियों के लिए विकल्प बढ़े हैं। इसका असर उच्च शिक्षा में नामांकन के आंकड़ों पर भी दिखाई दे रहा है। अखिल भारतीय उच्च शिक्षा सर्वेक्षण (AISHE) 2023-24 के अनुसार, प्रदेश में कुल विद्यार्थी नामांकन पांच वर्षों में 21.82 लाख से बढ़कर 27,74,428 हो गया है। इस अवधि में कुल नामांकन में करीब 27 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। वहीं ई-प्रवेश पोर्टल के आंकड़ों से भी उच्च शिक्षा में लगातार बढ़ते प्रवेश की तस्वीर सामने आती है। यूजी और पीजी प्रथम वर्ष में वर्ष 2024-25 में 5,73,227 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया था। यह संख्या 2025-26 में बढ़कर 5,98,547 और 2026-27 में 6,25,622 हो गई। यानी तीन वर्षों में प्रथम वर्ष के प्रवेश का आंकड़ा लगातार ऊपर गया है।
पांच साल में बढ़ी उच्च शिक्षा की पहुंच
प्रदेश में विद्यार्थियों की बढ़ती संख्या के साथ उच्च शिक्षा संस्थानों का दायरा भी बढ़ा है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार विश्वविद्यालयों की संख्या 66 से बढ़कर 89 हो गई है, जबकि कॉलेजों की संख्या 3,148 से बढ़कर 3,418 पहुंच गई। इन संस्थानों में तकनीकी शिक्षा, चिकित्सा, कृषि, पशुपालन, होटल प्रबंधन, पत्रकारिता सहित कई अलग-अलग क्षेत्रों के शासकीय और निजी कॉलेज शामिल हैं। संस्थानों की संख्या बढ़ने से विद्यार्थियों को अपने पसंदीदा विषय और पाठ्यक्रम चुनने के लिए पहले की तुलना में ज्यादा विकल्प मिल रहे हैं।
महिला नामांकन में करीब 28% की बढ़ोतरी
उच्च शिक्षा में छात्राओं की भागीदारी भी लगातार बढ़ रही है। AISHE 2023-24 के मुताबिक वर्ष 2019-20 में प्रदेश में महिला विद्यार्थियों का नामांकन 10,37,578 था। 2023-24 में यह बढ़कर 13,29,902 हो गया। इस तरह पांच वर्षों में महिला नामांकन में करीब 28 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। आंकड़े बताते हैं कि उच्च शिक्षा में छात्राओं की भागीदारी अब पहले की तुलना में ज्यादा मजबूत हुई है।
2026-27 में यूजी प्रवेश में छात्राओं की हिस्सेदारी 60.7%
ई-प्रवेश पोर्टल के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2026-27 में यूजी प्रथम वर्ष में कुल 3,64,867 प्रवेश हुए। इनमें 2,21,529 छात्राएं और 1,43,338 छात्र शामिल हैं। इस तरह यूजी स्तर पर कुल प्रवेश में छात्राओं की हिस्सेदारी 60.7 प्रतिशत रही। यानी हर 100 यूजी विद्यार्थियों में करीब 61 छात्राएं हैं।
पीजी में छात्राओं की भागीदारी और ज्यादा
पीजी प्रथम वर्ष में भी छात्राओं की हिस्सेदारी यूजी के मुकाबले ज्यादा रही। 2026-27 में पीजी में कुल 1,15,569 प्रवेश हुए। इनमें 80,175 छात्राएं और 35,394 छात्र शामिल हैं। पीजी प्रवेश में छात्राओं की हिस्सेदारी 69.4 प्रतिशत रही। इससे साफ है कि उच्च शिक्षा के अगले स्तर पर भी छात्राओं की भागीदारी मजबूत बनी हुई है।
भोपाल 327 कॉलेजों के साथ टॉप-10 जिलों में
प्रदेश में उच्च शिक्षा संस्थानों के विस्तार के साथ कुछ बड़े जिलों में कॉलेजों की संख्या भी तेजी से बढ़ी है। आंकड़ों के मुताबिक 327 कॉलेजों के साथ भोपाल देश के टॉप-10 जिलों में शामिल है। यह स्थिति इस बात को दर्शाती है कि राजधानी समेत प्रदेश के बड़े शहर उच्च शिक्षा के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित हो रहे हैं और यहां विद्यार्थियों के लिए पाठ्यक्रमों के साथ संस्थानों की संख्या भी बढ़ी है।
शिक्षकों की संख्या में भी बड़ा इजाफा
उच्च शिक्षा के विस्तार के साथ शिक्षकों की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है। वर्ष 2019-20 में प्रदेश में शिक्षकों की संख्या 64,106 थी, जो 2023-24 में बढ़कर 89,840 हो गई। यानी इस अवधि में उच्च शिक्षा संस्थानों में शिक्षकों की उपलब्धता में भी बड़ा इजाफा हुआ है। संस्थानों के विस्तार और विद्यार्थियों की बढ़ती संख्या के बीच शिक्षकों की संख्या बढ़ना शिक्षा व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
हर 100 छात्रों पर 171 छात्राओं का प्रवेश
आंकड़ों में एक और महत्वपूर्ण पहलू छात्राओं की बढ़ती भागीदारी है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार प्रत्येक 100 छात्रों पर 171 छात्राओं का प्रवेश दर्ज किया गया है। यह अनुपात उच्च शिक्षा में छात्राओं की भागीदारी में आए बदलाव को रेखांकित करता है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि सिर्फ नामांकन का आंकड़ा बढ़ना पर्याप्त नहीं है। विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा, पर्याप्त शिक्षक, आधुनिक संसाधन और रोजगार से जुड़े पाठ्यक्रम भी उपलब्ध कराना जरूरी है।
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