जम्मू-कश्मीर में तबाही : रियासी में लैंडस्लाइड से 7 की मौत, रामबन में बादल फटने से 3 लोगों की गई जान; कई लोग लापता

रामबन। जम्मू-कश्मीर इन दिनों प्राकृतिक आपदाओं से जूझ रहा है। रामबन, रियासी और कई अन्य जिलों में बादल फटने और भूस्खलन की घटनाओं ने लोगों की जिंदगी को तहस-नहस कर दिया है। लगातार हो रही भारी बारिश ने हालात और भी बिगाड़ दिए हैं। तवी और ब्यास जैसी नदियां उफान पर हैं और जगह-जगह फ्लैश फ्लड की स्थिति बन रही है।
रामबन में बादल फटने से 3 की मौत
रामबन जिले के राजगढ़ इलाके में भारी बारिश और ऊपरी इलाकों में बादल फटने से अचानक फ्लैश फ्लड आ गया। इस हादसे में अब तक 3 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 4 लोग लापता बताए जा रहे हैं। प्रशासन और रेस्क्यू टीमें लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। कई मकानों को नुकसान हुआ है, जिनमें से कुछ पूरी तरह बह गए।
रियासी में भूस्खलन, 7 शव बरामद
रियासी जिले के माहौर और बदर गांव में भारी बारिश के कारण भूस्खलन हुआ। मलबे में दबने से अब तक 7 शव बरामद किए जा चुके हैं। कई और लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस, सेना और स्थानीय लोग मिलकर राहत-बचाव कार्य कर रहे हैं। इस हादसे में कई घर और एक स्कूल पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।
वैष्णो देवी यात्रा 5 दिन से बंद
लगातार खराब मौसम और लैंडस्लाइड्स के कारण कटरा से चलने वाली माता वैष्णो देवी यात्रा को रोकना पड़ा है। 26 अगस्त को त्रिकुटा पहाड़ियों के अधकुवरी क्षेत्र में हुए बड़े लैंडस्लाइड में 34 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है। इसके बाद से ही यात्रा स्थगित कर दी गई है।
पिछले हफ्ते 36 से ज्यादा लोगों की हुई मौत
अगस्त के महीने में जम्मू-कश्मीर में बारिश ने अभूतपूर्व तबाही मचाई। केवल पिछले हफ्ते में ही जम्मू, सांबा, कठुआ, रियासी और डोडा जिलों में 36 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। रियासी और डोडा में ही 9 लोगों की जान गई। कई गांवों में बाढ़ जैसी स्थिति बनी हुई है और लोग सुरक्षित जगहों की ओर पलायन कर रहे हैं।
किश्तवाड़ के चिशोटी गांव में 60 मौतें
14 अगस्त को किश्तवाड़ जिले के चिशोटी गांव में भीषण क्लाउडबर्स्ट हुआ था। समुद्र तल से 9,000 फीट की ऊंचाई पर बसे इस इलाके में अचानक तेज फ्लैश फ्लड आ गया, जिससे कम से कम 60 लोगों की मौत हो गई। कई श्रद्धालुओं के कैंप और पुल बह गए। यह घटना दिखाती है कि कैसे सामान्य बारिश के बीच अचानक क्लाउडबर्स्ट तबाही ला सकता है।
बांदीपुरा और गुरेज सेक्टर में दहशत
26 अगस्त की रात बांदीपुरा जिले के गुरेज सेक्टर में भी बादल फटा। हालांकि, इसमें किसी की जान नहीं गई, लेकिन अचानक आई बारिश ने लोगों में दहशत फैला दी। सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोग अब सतर्क होकर सुरक्षित ठिकानों की तलाश में जुट गए हैं।
ट्रेन सेवाएं बाधित, 44 ट्रेनें रद्द
लगातार बारिश और बाढ़ के चलते जम्मू, कटरा और उधमपुर रेलवे स्टेशनों से आने-जाने वाली 44 ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं। जम्मू और कठुआ के बीच कई स्थानों पर रेल लाइन बह गई है, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया है। इससे पहले भी 40 ट्रेनें 29 अगस्त को रद्द की जा चुकी थीं।
अमित शाह करेंगे स्थिति की समीक्षा
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 31 अगस्त से जम्मू दौरे पर आ सकते हैं। वे दो दिनों तक यहां रहकर हालात की समीक्षा करेंगे। इस महीने बारिश और लैंडस्लाइड की घटनाओं में अब तक 110 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें ज्यादातर तीर्थयात्री शामिल हैं।
क्लाउडबर्स्ट क्या है?
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