प्रेग्नेंसी की नई राह :वैज्ञानिकों ने Skin Cells से बनाए इंसानी अंडे, समलैंगिक जोड़े भी कर पाएंगे बच्चे पैदा 

वैज्ञानिकों ने Skin Cells से बनाए इंसानी अंडे, समलैंगिक जोड़े भी कर पाएंगे बच्चे पैदा 
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    नई दिल्ली। साइंस की दुनिया में अमेरिकी वैज्ञानिकों ने एक ऐसा काम कर दिखाया है। जो किसी चमत्कार से कम नहीं है। अब वह दिन दूर नहीं जब हर कोई माता-पिता बन पाएगा। वैज्ञानिकों ने एक अनोखी खोज की है, जिसमें उन्होंने पहली बार त्वचा की साधारण कोशिकाओं (Skin Cells) का इस्तेमाल करके इंसानी अंडे (Human Eggs) बनाने में सफलता हासिल की है। यह सफलता उन लाखों दंपतियों के लिए आशा की एक नई किरण लेकर आई है। जो संतानहीनता (Infertility) से जूझ रहे हैं।

    क्या है माइटोमियोसिस?

    αñ╡αÑêαñ£αÑìαñ₧αñ╛αñ¿αñ┐αñòαÑïαñé αñªαÑìαñ╡αñ╛αñ░αñ╛ αñçαñ╕αÑìαññαÑçαñ«αñ╛αñ▓ αñòαÑÇ αñùαñê αñçαñ╕ αñ¿αñê αñöαñ░ αñûαñ╛αñ╕ αññαñòαñ¿αÑÇαñò αñòαÑï αñ«αñ╛αñçαñƒαÑïαñ«αñ┐αñ»αÑïαñ╕αñ┐αñ╕ αñ¿αñ╛αñ« αñªαñ┐αñ»αñ╛ αñùαñ»αñ╛ αñ╣αÑêαÑñ αñçαñ╕ αñ¬αÑìαñ░αñòαÑìαñ░αñ┐αñ»αñ╛ αñòαÑç αññαñ╣αññ  αñ╢αñ░αÑÇαñ░ αñòαÑÇ αñ╕αñ╛αñºαñ╛αñ░αñú αñòαÑïαñ╢αñ┐αñòαñ╛ αñòαÑï αñ▓αÑêαñ¼ αñ«αÑçαñé αñçαñ╕ αññαñ░αñ╣ αñ¼αñªαñ▓αñ╛ αñ£αñ╛αññαñ╛ αñ╣αÑê αñòαñ┐ αñ╡αñ╣ αñÅαñò αñàαñéαñíαñ╛αñúαÑü αñ¼αñ¿ αñ£αñ╛αñÅαÑñ αñ»αñ╣ αñàαñéαñíαñ╛αñúαÑü αñ½αñ┐αñ░ αñ╢αÑüαñòαÑìαñ░αñ╛αñúαÑü (Sperm) αñ╕αÑç αñ«αñ┐αñ▓αñòαñ░ αñ¡αÑìαñ░αÑéαñú (Embryo) αñ¼αñ¿αñ╛ αñ╕αñòαññαñ╛ αñ╣αÑêαÑñ αñçαñ╕ αñûαÑïαñ£ αñòαñ╛ αñ╕αñ¼αñ╕αÑç αñ¼αñíαñ╝αñ╛ αñ▓αñ╛αñ¡ αñëαñ¿ αñ▓αñ╛αñûαÑïαñé αñªαñéαñ¬αññαñ┐αñ»αÑïαñé αñòαÑï αñ«αñ┐αñ▓αÑçαñùαñ╛ αñ£αñ┐αñ¿αñòαÑç αñ¬αñ╛αñ╕ αñàαñéαñíαÑç αñ¿αñ╣αÑÇαñé αñ╣αÑïαññαÑç αñ╣αÑêαñé αñ»αñ╛ αñ£αñ┐αñ¿αñòαÑç αñàαñéαñíαÑç αñûαñ░αñ╛αñ¼ αñ╣αÑï αñÜαÑüαñòαÑç αñ╣αÑïαññαÑç αñ╣αÑêαñéαÑñ

    αñòαÑìαñ»αñ╛ αñ╣αÑê αñçαñ╕ αñûαÑïαñ£ αñòαÑç αñ▓αñ╛αñ¡? 

    इस तकनीक की मदद से महिलाएं अपनी ही त्वचा के डीएनए (DNA) का उपयोग करके आनुवंशिक रूप से संबंधित बच्चे पैदा कर सकेंगी। यह उन महिलाओं के लिए जीवन बदलने वाली सफलता है जो उम्र या बीमारी के कारण प्राकृतिक रूप से मां नहीं बन सकती हैं।

    वहीं, यह तकनीक भविष्य में समलैंगिक पुरुष जोड़ों को भी अपने जैविक बच्चे पैदा करने का मौका दे सकती है। जिससे दोनों पार्टनर बच्चे के आनुवंशिक माता-पिता बन पाएंगे।

    क्ल्रीनिक तक पहुंचने में लगेगा समय

    वैज्ञानिकों ने स्पष्ट किया है कि यह अभी पहला कदम है। इस तकनीक को पूरी तरह से सुरक्षित बनाने और इसे आम लोगों के लिए अस्पतालों (क्लीनिक) में इस्तेमाल के लायक बनाने में अभी 10 से 15 साल का समय लग सकता है। हालांकि यह वैज्ञानिक उपलब्धि मानव प्रजनन के क्षेत्र में एक नया और क्रांतिकारी दरवाजा खोल चुकी है।

    Mithilesh Yadav
    By Mithilesh Yadav

    αñ╡αñ░αÑìαññαñ«αñ╛αñ¿ αñ«αÑçαñé αñ¬αÑÇαñ¬αÑüαñ▓αÑìαñ╕ αñ╕αñ«αñ╛αñÜαñ╛αñ░ αñòαÑç αñíαñ┐αñ£αñ┐αñƒαñ▓ α...

    Latest Posts