Test Anshayदेवदत्त पडिक्कल ने जड़ा टेस्ट करियर का पहला शतक, 3 बड़े रिकॉर्ड तोड़े

यशस्वी जायसवाल के आउट होने के बाद बल्लेबाजी करने आए पडिक्कल ने शुरुआत से ही संयम के साथ पारी को आगे बढ़ाया। महज तीसरे टेस्ट में उन्होंने अपने शतक का इंतजार खत्म कर दिया। नंबर-3 पर शतक लगाने वाले वह 21वीं सदी के दूसरे भारतीय बाएं हाथ के बल्लेबाज बने। इसके अलावा उन्होंने करीब दो साल बाद टेस्ट टीम में वापसी को भी शानदार अंदाज में खास बना दिया।
तीसरे टेस्ट में आया पहला शतक
देवदत्त पडिक्कल के लिए गॉल टेस्ट बेहद खास रहा, क्योंकि उन्होंने अपने टेस्ट करियर की पहली सेंचुरी पूरी की। यशस्वी जायसवाल के विकेट के बाद नंबर-3 पर उतरे पडिक्कल ने परिस्थितियों को समझते हुए आक्रामकता के बजाय धैर्य से बल्लेबाजी की। उनकी पारी में 9 चौके और 1 छक्का शामिल रहा। तीसरा टेस्ट खेल रहे पडिक्कल ने मिले मौके को पूरी तरह भुनाते हुए टीम के लिए अहम पारी खेली।
21वीं सदी में दूसरे लेफ्टी बने
पडिक्कल ने नंबर-3 पर शतक लगाकर एक खास रिकॉर्ड अपने नाम किया। वह 21वीं सदी में भारत के लिए इस नंबर पर टेस्ट शतक लगाने वाले सिर्फ दूसरे बाएं हाथ के बल्लेबाज बन गए। उनसे पहले यह कारनामा सौरव गांगुली ने किया था, जिन्होंने 2002 में जिम्बाब्वे के खिलाफ दिल्ली टेस्ट में 136 रन बनाए थे। करीब 24 साल बाद पडिक्कल ने इस रिकॉर्ड में अपना नाम जोड़ लिया।
19 टेस्ट बाद नंबर-3 पर शतक
भारत के लिए नंबर-3 पर टेस्ट शतक लगाने वाले आखिरी बल्लेबाज शुभमन गिल थे, जिन्होंने सितंबर 2024 में चेन्नई में बांग्लादेश के खिलाफ सेंचुरी जड़ी थी। इसके बाद भारत ने 19 टेस्ट मैचों में इस स्थान पर सात अलग-अलग बल्लेबाजों को आजमाया। इन बल्लेबाजों ने 35 पारियों में 27.28 की औसत से रन बनाए और केवल पांच बार 50 से ज्यादा का स्कोर कर सके। अब पडिक्कल ने इस लंबे इंतजार को खत्म कर दिया।
















