महाराष्ट्र में चक्रवात 'शक्ति' का खतरा : IMD ने 3 से 7 अक्टूबर तक जारी किया हाई अलर्ट, 65kmph की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

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कहां-कहां दिखेगा असर
साइक्लोन शक्ति का सीधा असर महाराष्ट्र के तटीय जिलों में पड़ेगा। यहां हवाओं की रफ्तार 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहेगी, जबकि कुछ जगहों पर यह 65 किमी/घंटा से भी ज्यादा हो सकती है। 5 अक्टूबर तक समुद्र में ऊंची और खतरनाक लहरें उठने की संभावना है। इसी कारण मछुआरों को 7 अक्टूबर तक समुद्र में न जाने की सख्त चेतावनी दी गई है।
भारी बारिश और बाढ़ का खतरा
मौसम विभाग ने विदर्भ, मराठवाड़ा और उत्तरी कोंकण में भारी से अति भारी बारिश की संभावना जताई है। बारिश के चलते नदियों और नालों में पानी का स्तर बढ़ सकता है, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बन सकती है। उत्तरी कोंकण के जिलों में खतरा सबसे ज्यादा बताया गया है।
यह सैटेलाइट इमेज भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने जारी की है। इसमें साइक्लोन गुजरात के करीब नजर आ रहा है।
तेज हवाओं से बढ़ेगा संकट
45-65 किमी/घंटा की रफ्तार से चलने वाली हवाएं कई इलाकों में पेड़, बिजली के खंभे और कच्चे घरों की छतों को नुकसान पहुंचा सकती हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि, वे घरों में सुरक्षित रहें और अनावश्यक यात्रा से बचें।
प्रशासन सतर्क, आपदा प्रबंधन एक्टिव
महाराष्ट्र सरकार ने चक्रवात शक्ति को लेकर सभी जिलों के प्रशासन को सतर्क कर दिया है। डिजास्टर मैनेजमेंट सिस्टम को एक्टिव कर दिया गया है। तटीय और निचले इलाकों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने की प्लानिंग की जा रही है। आपातकालीन सेवाओं को हाई अलर्ट पर रखा गया है और राहत-बचाव दलों को तैनात किया गया है।
6 अक्टूबर से कमजोर पड़ने की संभावना
IMD के मुताबिक, 6 अक्टूबर की सुबह से चक्रवात की तीव्रता धीरे-धीरे कम हो सकती है। हालांकि, तब तक समुद्र की स्थिति बेहद खराब रहेगी और गुजरात के साथ पाकिस्तान के तटीय इलाकों पर भी इसका असर देखने को मिलेगा।















