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PU Special :Asian Games के ‘गोल्ड’ विनर विवेक सागर प्रसाद बोले- सेमीफाइनल की टफ फाइट के बाद बदला गेम प्लान, मलेशिया की हॉकी के लिए बनाया 5+5 का फॉर्मूला

भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने एशियन गेम्स 2026 में स्वर्ण पदक जीता। मप्र के विवेक सागर प्रसाद और नीलकांता शर्मा इस टीम का हिस्सा रहे। विवेक ने फाइनल की रणनीति, पाकिस्तान के खिलाफ सेमीफाइनल, 2028 ओलिंपिक लक्ष्य और परिवार के बारे में विस्तार से बताया। पीपुल्स अपडेट से बातचीत में विवेक ने टूर्नामेंट की खास बातें साझा कीं।
Asian Games के ‘गोल्ड’ विनर विवेक सागर प्रसाद बोले- सेमीफाइनल की टफ फाइट के बाद बदला गेम प्लान, मलेशिया की हॉकी के लिए बनाया 5+5 का फॉर्मूला
भोपाल। एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने के बाद विवेक सागर प्रसाद।

नरेश भगोरिया,भोपाल। एशियन गेम्स 2026 में भारतीय हॉकी टीमों ने गोल्ड मेडल जीतकर देशवासियों को खास तोहफा दिया है। मप्र के लिए यह मौका और भी खास हो जाता है क्योंकि भारतीय पुरुष हॉकी टीम में मप्र के दो खिलाड़ी विवेक सागर प्रसाद और नीलकांता शर्मा शामिल थे। विवेक 6 अक्टूबर को भोपाल पहुंचेंगे। फाइनल जीतने के बाद विवेक सागर ने फाइनल मैच और टूर्नामेंट को लेकर खास बातचीत की। पेश है बातचीत के प्रमुख अंश-

सवाल: फाइनल मैच में मलेशिया के लिए भारतीय हॉकी टीम ने क्या रणनीति बनाई थी?

जवाब: हमने मलेशिया को अंडर एस्टिमेट बिल्कुल नहीं किया। यह फाइनल मुकाबला था और हम हर हाल में यह जीतना चाहते थे। जापान, पाकिस्तान, कोरिया की तुलना में मलेशिया अलग तरह से खेलता है, इसलिए हमने 5+5 का फॉर्मूला अपनाया। यानि 5 खिलाड़ी अटैक करेंगे और 5 डिफेंस। यह रणनीति कारगर रही और हम 5-1 से जीते।  

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सवाल: टूर्नामेंट का सबसे कठिन पल या मैच कौन सा रहा?

जवाब: पाकिस्तान के साथ सेमीफाइनल सबसे कड़ा मुकाबला था। पहले हम 3-0 से आगे थे, लेकिन फिर मुकाबला 3-3 से बराबरी पर आ गया। लेकिन आखिरी में हमने  एक और गोल कर फाइनल में पहुंच गए।

सवाल: पिछली स्पर्धाओं से क्या सबक लिया जिससे एशियन गेम्स में पूरी तरह सफल नजर आए?

जवाब: यह सही है कि हॉकी वर्ल्ड कप में प्रदर्शन के बाद निराशा थी, लेकिन हमने फिर पूरी ताकत से तैयारी की, डिसीप्लिन हॉकी खेली। कमजोरियों पर काम किया और नतीजा सफलता के रूप में सामने आया।

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सवाल: अब आपको  2028 के ओलिंपिक का टिकट मिल गया है, अगला लक्ष्य क्या है?

जवाब: हमने दो ओलिंपिंक में कांस्य पदक जीते हैं, यह फाइनल जीतने के बाद हमारी ओलिंपिक की राह आसान हो गई। अन्य टीमों के मुकाबले तैयारी का ज्यादा समय है, गोल्ड मेडल के लिए ही तैयारी करेंगे। इससे पहले 27 अक्टूबर से होने वाली एशियन चैंपियन्स ट्रॉफी के लिए तीसरे गोल्ड जीतने के इरादे से उतरेंगे।

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सवाल: विवेक ने गोल्ड मेडल जीता तब परिवार का क्या रिएक्शन था?

जवाब: परिवार के सदस्य बहुत प्रसन्न थे। मैंने मैच जीतने के बाद तुरंत कॉल किया था। पापा-मम्मी, भाई-भाभी सभी बेहद खुश थे, पूरा गांव खुशी मना रहा था। परिवार की खुशियों को मैंने स्क्रीन शॉट भी लेकर रखा है।

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दो ओलिंपिक मेडल जीते, जूनियर टीम के रहे कप्तान

विवेक सागर प्रसाद नर्मदापुरम जिले के इटारसी के पास स्थित चांदौन के निवासी हैं। वे अब तक टोक्यो आलिंपिक 2020 और पेरिस ओलिंपिक 2024 में कांस्य पदक जीते हैं।2022 एशियन  गेम्स  में स्वण पदक जीता। वे एशियन चैंपियंस ट्राफी 2023 और 2024 की स्वर्ण पदक विजेता टीम व कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में सिल्वर जीतने वाली टीम का हिस्सा रहे। वे मप्र पुलिस में डीएसपी के पद पर पदस्थ हैं। 2019 में उन्हें एफआईएच राइसिंग स्टार ऑफ द ईयर चुना गया था। 2018 में यूथ ओलिंपिक में सिल्वर और सुल्तान ऑफ जोहोर कप (जूनियर इंडियन टीम) में कप्तान रह चुके हैं। इसके अलावा अन्य कई उपलब्धियां उनके खाते में हैं।

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Naresh Bhagoria
By Naresh Bhagoria

नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...

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