अमेरिका ने बढ़ाई एच-1बी वीजा फीस, तो ब्रिटेन ने कर सकता है ग्लोबल टेलेंट वीजा मुफ्त

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एच-1बी महंगा होने से ब्रिटेन के लिए पैदा हुए अवसर

ब्रिटेन के अधिकारियों का कहना है कि डोनाल्ड ट्रंप के हालिया निर्णय ने ब्रिटेन के सुधार प्रयासों को और गति दी है। अमेरिकी वीजा महंगा होने से ब्रिटेन के लिए यह अवसर पैदा हुआ है कि वह वही प्रतिभाशाली लोगों का समूह अपनी ओर आकर्षित कर सके, जिसमें भारतीय वैज्ञानिक, इंजीनियर और टेक्नोलॉजी विशेषज्ञ शामिल हैं। ब्रिटेन की योजना का नेतृत्व प्रधानमंत्री स्टारमर के बिजनेस सलाहकार वरुण चंद्रा और विज्ञान मंत्री लॉर्ड पैट्रिक वैलेंस कर रहे हैं। हालांकि होम आॅफिस ने इसे अभी आधिकारिक रूप से मंजूरी नहीं दी है, लेकिन सरकार के भीतर इस पर सहमति बन रही है। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम कुल प्रवासन बढ़ाने के लिए नहीं बल्कि चुनिंदा उच्च कौशल वाले लोगों को ब्रिटेन लाने के लिए है।

विदेशियों के लिए आकर्षक बनाने के हो रहे प्रयास

इसके अलावा ब्रिटेन की वित्त मंत्री रेचेल रीव्स टैक्स सिस्टम की समीक्षा कर रही हैं ताकि इसे विदेशी पेशेवरों के लिए आकर्षक बनाया जा सके। हाल ही में टैक्स में हुए बदलाव को लेकर कुछ अमीर व्यक्तियों के ब्रिटेन छोड़ने की आशंका जताई गई थी, लेकिन शुरूआती आंकड़े बताते हैं कि इसका असर सीमित रहा है। यदि टैक्स सिस्टम और अनुकूल हो जाता है, तो यह भारत जैसे देशों से आने वाले कुशल पेशेवरों को और अधिक आकर्षित करेगा। जून 2023 तक समाप्त हुए वर्ष में ब्रिटेन ने 3,901 ग्लोबल टैलेंट वीजा जारी किए, जो पिछले वर्ष की तुलना में 76% अधिक है। विश्वविद्यालयों ने इस बढ़ोतरी का स्वागत किया है, लेकिन साथ ही यह भी कहा है कि और कदम उठाने की आवश्यकता है।

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विशेषज्ञों के लिए लाभदायक होगा यह बदलाव

भारतीय वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों और डिजिटल विशेषज्ञों के लिए यह बदलाव बेहद लाभदायक हो सकता है। अमेरिकी विकल्प अब महंगा और जटिल हो गया है, जबकि ब्रिटेन में फीस और हेल्थ सरचार्ज हटने से शुरूआती खर्च में बड़ी कटौती होगी। इससे यह संदेश भी जाएगा कि ब्रिटेन उच्च कौशल वाले प्रतिभाओं के लिए खुला और स्वागत करने वाला देश है। यदि ये प्रस्ताव लागू हो जाते हैं, तो कई भारतीय पेशेवर जो पहले अमेरिका की ओर रुख करते थे, वे अब ब्रिटेन को प्राथमिकता दे सकते हैं। इससे ब्रिटेन की यूनिवर्सिटीज, रिसर्च लैब्स और टेक्नोलॉजी कंपनियों में भारतीयों की संख्या में वृद्धि हो सकती है और उन्हें एक बेहतर, कम खचीर्ला और तेज रास्ता मिलेगा।

Aniruddh Singh
By Aniruddh Singh

अनिरुद्ध प्रताप सिंह। नवंबर 2024 से पीपु...

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