अमेरिकी कोर्ट ने फेडरल ट्रेड कमिश्नर रेबेका स्लॉटर को फिर उनके पद पर बहाल किया

अदालत ने कहा राष्ट्रपति किसी भी एफटीसी कमिश्नर को बिना कारण नहीं हटा सकते
अमेरिकी कोर्ट ने फेडरल ट्रेड कमिश्नर रेबेका स्लॉटर को फिर उनके पद पर बहाल किया

न्यूयॉर्क। अमेरिकी अपीली अदालत ने एक अहम फैसला सुनाते हुए डेमोक्रेटिक फेडरल ट्रेड कमिश्नर रेबेका स्लॉटर को उनके पद पर फिर बहाल कर दिया है। यह मामला इसलिए खास है क्योंकि मौजूदा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उन्हें पद से हटाने की कोशिश की थी, लेकिन अदालत ने साफ कह दिया कि राष्ट्रपति किसी भी एफटीसी कमिश्नर को बिना कारण नहीं हटा सकते। फैसला 2-1 के बहुमत से आया। अदालत ने ट्रंप प्रशासन की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें निचली अदालत के फैसले को रोकने की मांग की गई थी। बहुमत वाले दो न्यायाधीशों ने कहा कि यह कानून लगभग सौ साल से बिल्कुल स्पष्ट है कि एफटीसी कमिश्नरों को केवल बहुत वाजिब कारण होने पर ही हटाया जा सकता है और सुप्रीम कोर्ट भी कई बार इस सिद्धांत की पुष्टि कर चुका है। वहीं इस पर तीसरे न्यायाधीश, जो खुद ट्रंप द्वारा नियुक्त किए गए थे, ने असहमति जताते हुए कहा कि अदालत के पास राष्ट्रपति द्वारा हटाए गए अधिकारी को बहाल करने का अधिकार नहीं है।

स्लॉटर ने कहा राष्ट्रपति भी कानून से ऊपर नहीं

स्लॉटर ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा यह स्पष्ट कर देता है कि राष्ट्रपति भी कानून से ऊपर नहीं हैं। उन्होंने कहा वह तुरंत अपने काम पर लौटने के लिए तैयार हैं और अमेरिकी जनता के हित में अपनी जिम्मेदारियों को निभाना चाहती हैं। व्हाइट हाउस के प्रवक्ता कुश देसाई ने इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राष्ट्रपति ने स्लॉटर को हटाने में पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया का पालन किया है। उनका कहना था कि हाल के वर्षों में सुप्रीम कोर्ट ने यह मान्यता दी है कि राष्ट्रपति के पास कार्यकारी एजेंसियों के प्रमुखों को हटाने का अधिकार है। उन्होंने विश्वास जताया कि अंततः ट्रंप प्रशासन का पक्ष अदालतों में सही साबित होगा। गौरतलब है कि स्लॉटर को ट्रंप ने ही पहली बार 2018 में एफटीसी में नियुक्त किया था। इसके बाद डेमोक्रेटिक राष्ट्रपति जो बाइडेन ने 2021 में उन्हें कार्यवाहक चेयर बनाया और फिर 2023 में उन्हें दूसरी बार इस पद पर नियुक्त किया, जिसका कार्यकाल 2029 तक है।

ट्रंप ने मार्च में एफटीसी के दोनों कमिश्नरों को पद से हटाया

ट्रंप ने इस साल मार्च में एफटीसी के दोनों डेमोक्रेटिक कमिश्नरों स्लॉटर और अल्वारो बेदोया को हटा दिया था। यह कदम अमेरिकी नियामक संस्थाओं की स्वतंत्रता के लिए एक बड़ा परीक्षण माना जा रहा था। जुलाई में एक संघीय जज ने फैसला सुनाया था कि ट्रंप प्रशासन का स्लॉटर को हटाने का तरीका संघीय कानून में निर्धारित सुरक्षा प्रावधानों का उल्लंघन करता है। एफटीसी की संरचना द्विदलीय है, यानी 5 में से अधिकतम तीन कमिश्नर ही एक ही पार्टी से हो सकते हैं। इसी वजह से कांग्रेस ने भर्ती और बर्खास्तगी पर प्रतिबंध लगाए थे, ताकि यह एजेंसी राजनीतिक हस्तक्षेप से बची रहे और स्वतंत्र रूप से काम कर सके। विशेषज्ञों का मानना है कि मामला अंततः सुप्रीम कोर्ट तक जाएगा। लगभग 90 साल पहले सुप्रीम कोर्ट ने यह स्पष्ट किया था कि एफटीसी कमिश्नरों को केवल उचित कारण होने पर ही हटाया जा सकता है।

अल्वारो बेदोया ने इस्तीफे के बाद ले ली थी दूसरी नौकरी

αñ¼αÑçαñªαÑïαñ»αñ╛ αñ¿αÑç αñ£αÑéαñ¿ αñ«αÑçαñé αñçαñ╕αÑìαññαÑÇαñ½αñ╛ αñªαÑçαñòαñ░ αñªαÑéαñ╕αñ░αÑÇ αñ¿αÑîαñòαñ░αÑÇ αñ▓αÑç αñ▓αÑÇ αñÑαÑÇ, αñçαñ╕αñ▓αñ┐αñÅ αñëαñ¿αñòαñ╛ αñ«αñ╛αñ«αñ▓αñ╛ αñàαñ¼ αñàαñªαñ╛αñ▓αññ αñ«αÑçαñé αñ¿αñ╣αÑÇαñé αñ╣αÑêαÑñ αñ▓αÑçαñòαñ┐αñ¿ αñ╕αÑìαñ▓αÑëαñƒαñ░ αñòαÑÇ αñ¼αñ╣αñ╛αñ▓αÑÇ αñ¿αÑç αñ»αñ╣ αñ╕αñéαñòαÑçαññ αñªαÑç αñªαñ┐αñ»αñ╛ αñ╣αÑê αñòαñ┐ αñàαñªαñ╛αñ▓αññαÑçαñé αñ╕αÑìαñ╡αññαñéαññαÑìαñ░ αñ¿αñ┐αñ»αñ╛αñ«αñò αñ╕αñéαñ╕αÑìαñÑαñ╛αñôαñé αñòαÑÇ αñ╕αÑüαñ░αñòαÑìαñ╖αñ╛ αñòαÑç αñ¬αñòαÑìαñ╖ αñ«αÑçαñé αñûαñíαñ╝αÑÇ αñ╣αÑêαñé αñöαñ░ αñ░αñ╛αñ╖αÑìαñƒαÑìαñ░αñ¬αññαñ┐ αñòαÑÇ αñ╢αñòαÑìαññαñ┐ αñ¬αñ░ αñàαñéαñòαÑüαñ╢ αñ▓αñùαñ╛αñ¿αÑç αñòαÑï αññαÑêαñ»αñ╛αñ░ αñ╣αÑêαñéαÑñ αñçαñ╕ αñ½αÑêαñ╕αñ▓αÑç αñòαñ╛ αñ«αñ╣αññαÑìαñ╡ αñòαÑçαñ╡αñ▓ αñÅαñò αñòαñ«αñ┐αñ╢αÑìαñ¿αñ░ αñòαÑÇ αñ╡αñ╛αñ¬αñ╕αÑÇ αñ╕αÑç αñòαñ╣αÑÇαñé αñàαñºαñ┐αñò αñ╣αÑêαÑñ αñ»αñ╣ αñàαñ«αÑçαñ░αñ┐αñòαÑÇ αñ▓αÑïαñòαññαñéαññαÑìαñ░ αñ«αÑçαñé αñ╢αñòαÑìαññαñ┐αñ»αÑïαñé αñòαÑç αñ╕αñéαññαÑüαñ▓αñ¿ αñöαñ░ αñ╕αñéαñ╕αÑìαñÑαñ╛αñôαñé αñòαÑÇ αñ╕αÑìαñ╡αññαñéαññαÑìαñ░αññαñ╛ αñòαñ╛ αñ¬αÑìαñ░αññαÑÇαñò αñ╣αÑêαÑñ αñàαñùαñ░ αñ╕αÑüαñ¬αÑìαñ░αÑÇαñ« αñòαÑïαñ░αÑìαñƒ αñ¡αÑÇ αñ»αñ╣αÑÇ αñ░αÑüαñû αñàαñ¬αñ¿αñ╛αññαñ╛ αñ╣αÑê, αññαÑï αñ»αñ╣ αñÅαñò αñÉαññαñ┐αñ╣αñ╛αñ╕αñ┐αñò αñëαñªαñ╛αñ╣αñ░αñú αñ╣αÑïαñùαñ╛ αñòαñ┐ αñ░αñ╛αñ╖αÑìαñƒαÑìαñ░αñ¬αññαñ┐ αñàαñ¬αñ¿αÑÇ αñ░αñ╛αñ£αñ¿αÑÇαññαñ┐αñò αñçαñÜαÑìαñ¢αñ╛αñôαñé αñ╕αÑç αñ¬αñ░αÑç αñ£αñ╛αñòαñ░ αñ╕αÑìαñ╡αññαñéαññαÑìαñ░ αñ╕αñéαñ╕αÑìαñÑαñ╛αñôαñé αñòαÑï αñ¿αñ┐αñ»αñéαññαÑìαñ░αñ┐αññ αñ¿αñ╣αÑÇαñé αñòαñ░ αñ╕αñòαññαÑçαÑñ αñ╡αñ╣αÑÇαñé αñ»αñªαñ┐ αñ╕αÑüαñ¬αÑìαñ░αÑÇαñ« αñòαÑïαñ░αÑìαñƒ αñ¿αÑç αñëαñ▓αÑìαñƒαñ╛ αñ½αÑêαñ╕αñ▓αñ╛ αñªαñ┐αñ»αñ╛, αññαÑï αñ»αñ╣ αñ░αñ╛αñ╖αÑìαñƒαÑìαñ░αñ¬αññαñ┐ αñòαÑç αñàαñºαñ┐αñòαñ╛αñ░αÑïαñé αñòαÑï αñ╡αÑìαñ»αñ╛αñ¬αñò αñ░αÑéαñ¬ αñ╕αÑç αñ¼αñóαñ╝αñ╛ αñªαÑçαñùαñ╛αÑñ αñ½αñ┐αñ▓αñ╣αñ╛αñ▓ αñ╕αÑìαñ▓αÑëαñƒαñ░ αñòαÑÇ αñ╡αñ╛αñ¬αñ╕αÑÇ αñ╕αÑç αñíαÑçαñ«αÑïαñòαÑìαñ░αÑçαñƒαñ┐αñò αñûαÑçαñ«αÑç αñ«αÑçαñé αñëαññαÑìαñ╕αñ╛αñ╣ αñ╣αÑê αñöαñ░ αñ»αñ╣ αñ╕αñéαñòαÑçαññ αñ¡αÑÇ αñòαñ┐ αñàαñ«αÑçαñ░αñ┐αñòαñ╛ αñ«αÑçαñé αñ╕αñéαñ╕αÑìαñÑαñ╛αñôαñé αñòαÑÇ αñ╕αÑìαñ╡αññαñéαññαÑìαñ░αññαñ╛ αñòαÑÇ αñ▓αñíαñ╝αñ╛αñê αñàαñ¡αÑÇ αñ¡αÑÇ αñ£αñ╛αñ░αÑÇ αñ╣αÑêαÑñ 

Aniruddh Singh
By Aniruddh Singh

अनिरुद्ध प्रताप सिंह। नवंबर 2024 से पीपु...

Latest Posts