15 अगस्त को अलास्का में पुतिन से मिलेंगे ट्रंप, रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म करने पर होगी चर्चा

वॉशिंगटन डीसी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 15 अगस्त 2025 को अलास्का में आमने-सामने बैठकर यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के रास्ते तलाशेंगे। यह मुलाकात चार साल बाद होने वाली पहली अमेरिका-रूस शिखर बैठक होगी और इसे लेकर दुनिया भर में कूटनीतिक हलचल तेज हो गई है।
सोशल मीडिया पर ट्रंप ने दी जानकारी
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चार साल बाद होगी आमने-सामने बातचीत
अमेरिका और रूस के राष्ट्राध्यक्ष पिछली बार जून 2021 में मिले थे, जब तत्कालीन राष्ट्रपति जो बाइडेन और पुतिन ने जिनेवा में मुलाकात की थी। इसके बाद से दोनों देशों के रिश्तों में तनाव रहा, खासकर फरवरी 2022 में रूस के यूक्रेन पर हमले के बाद।
पिछली बातचीत और हालिया कूटनीति
ट्रंप और पुतिन के बीच इस साल अब तक चार बार सीधी बातचीत हो चुकी है
12 फरवरी 2025: यूक्रेन युद्ध खत्म करने पर चर्चा
18 मार्च 2025: युद्धविराम और शांति समझौते पर बात
19 मई 2025: दो घंटे लंबी वार्ता में कई मुद्दों पर चर्चा
4 जून 2025: यूक्रेन और ईरान मुद्दे पर एक घंटे की बात
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व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने संकेत दिया कि संभावित शांति समझौते में कुछ क्षेत्रों की अदला-बदली हो सकती है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, रूस खेरसॉन और ज़ापोरिज्जिया में सैन्य कार्रवाई रोकने का प्रस्ताव दे सकता है।
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रूस का संभावित प्रस्ताव और चुनौतियां
विश्लेषकों के मुताबिक, रूस उन इलाकों को छोड़ने पर विचार कर सकता है जो उसके कब्जे वाले चार क्षेत्रों से बाहर हैं। हालांकि, यह पूर्ण युद्धविराम नहीं होगा, बल्कि अस्थाई रूप से हवाई हमले रोकने का प्रस्ताव हो सकता है।
मई के बाद रूस ने यूक्रेन पर सबसे बड़े हवाई हमले किए हैं, जिनमें सिर्फ कीव में 72 लोगों की मौत हुई। यूक्रेन भी रूसी तेल रिफाइनरियों और डिपो पर हमले जारी रखे हुए है।
भारत पर टैरिफ और ट्रंप की सख्त चेतावनी
रूस पर दबाव बनाने के लिए ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर शांति समझौते पर सहमति नहीं बनी, तो रूस और उसके निर्यात खरीदने वाले देशों पर नई पाबंदियां और टैरिफ लगाए जाएंगे। इसी हफ्ते अमेरिका ने रूसी तेल खरीदने को लेकर भारत पर 25% अतिरिक्त शुल्क लगाने का ऐलान किया, जिससे ट्रंप की आलोचना भी हो रही है।
दुनिया की निगाहें अलास्का पर
यह बैठक ऐसे समय हो रही है जब यूक्रेन युद्ध को तीन साल पूरे हो चुके हैं और अब तक कई दौर की बातचीत नाकाम रही है। ट्रंप और पुतिन की मुलाकात को इस संघर्ष को समाप्त करने की संभावित चाबी माना जा रहा है, लेकिन दोनों पक्षों की शर्तों में अभी भी बड़ा अंतर है।














