रूसी राष्ट्रपति पुतिन भी अलास्का पहुंचे, ट्रंप ने किया स्वागत, कुछ ही देर में शुरू होने वाली है शिखर बैठक

रूसी राष्ट्रपति पुतिन भी अलास्का पहुंचे, ट्रंप ने किया स्वागत, कुछ ही देर में शुरू होने वाली है शिखर बैठक

एंकोरेज। रूसी राष्ट्रपति ब्लादिमिर पुतिन भी अलास्का के एंकोरेज स्थित ज्वाइंट बेस एलमेंडॉर्फ-रिचर्डसन पहुंच गए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप उनसे पहले ही वहां पहुंच गए थे और अपने विमान में ही उनकी प्रतिक्षा कर रहे थे। जैसे ही उन्हें ब्लादिमिर पुतिन के आने की खबर मिली, उन्होंने विमान से उतर कर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का स्वागत किया। दोनों नेताओं ने गर्मजोशी से आपस में हाथ मिलाए और रेड कार्पेट पर साथ-साथ चलते हुए फोटो खिंचाए। उन्होंने इस दौरान वहां बड़ी संख्या में मौजूद पत्रकारों के किसी भी सवाल का जवाब नहीं दिया। दोनों के बीच शिखर बैठक का आयोजन पास ही में किया गया है। बैठक में उनके बीच दुभाषियों के माध्यम से होने वाली बातचीत का ब्यौरा सार्वजनिक नहीं किया जाएगा। हालांकि 7 से 8 घंटे तक चलने वाली इस शिखर बैठक के बाद दोनों नेता प्रेस कांफ्रेंस करेंगे।

एयरबेस पर पहले ही पहुंच गए थे डोनाल्ड ट्रंप

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ अहम शिखर वार्ता के लिए पहले ही अलास्का के एंकोरेज शहर पहुंच चुके थे। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह यूक्रेन युद्ध में आज ही युद्धविराम देखना चाहते हैं। रूसी राष्ट्रपति पुतिन जब एयरबेस पर पहुंचे तो अमेरी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप स्वयं उन्हें लेने विमान तक गए। डोनाल्ड ट्रम्प और ब्लादिमिरपुतिन की मुलाकात के लिए अलास्का के एल्मेंडॉर्फ एयर बेस पर विशेष प्रबंध किए गए हैं। हवाई अड्डे के रनवे पर रेड कार्पेट बिछाया गया, जिस पर दोनों नेता चलकर एक मंच तक पहुंचे। बीच में उन्होंने रुक कर फोटोग्राफरों को पोज दिए।

अलग-अलग वाई-फाई प्रयोग करेंगे दोनों देशों के पत्रकार

शिखर सम्मेलन के दौरान मीडिया कवरेज के लिए सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर खास कदम उठाए गए हैं। यहां प्रेस के लिए बनाए गए टेंट को दो हिस्सों में बांटा गया है-एक हिस्सा अमेरिकी पत्रकारों के लिए और दूसरा हिस्सा रूसी पत्रकारों के लिए। दोनों समूहों को अलग-अलग वाई-फाई नेटवर्क उपलब्ध कराया गया है, ताकि उनकी संचार व्यवस्था स्वतंत्र और सुरक्षित रहे। सुरक्षा जांच की प्रक्रिया भी अलग तरीके से की गई-पहले सीक्रेट सर्विस ने रूसी पत्रकारों की जांच की और उन्हें अंदर जाने दिया, उसके बाद अमेरिकी पत्रकारों की जांच हुई।

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स्थानीय समयानुसार सुबह 11 बजे और भारतीय समय के अनुसार लगभग एक बजे अलास्का के सबसे बड़े शहर में दोनों नेताओं की बैठक निर्धारित है। ट्रंप को उम्मीद है कि 3.5 साल से चल रहे इस युद्ध में युद्धविराम न केवल क्षेत्र में शांति लाएगा, बल्कि उन्हें वैश्विक शांति निर्माता के रूप में उनकी छवि मजबूत करेगा और संभवतः नोबेल शांति पुरस्कार की राह भी खोलेगा। उन्होंने कहा रूस-यूक्रेन युद्ध द्वितीय विश्व युद्ध के बाद यूरोप का सबसे घातक संघर्ष है। विनाश का यह सिलसिला अब बंद होना चाहिए। पुतिन के लिए भी यह बैठक पहले से ही एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। वह इसे इस रूप में पेश कर सकते हैं कि पश्चिमी देशों के वर्षों के अलग-थलग करने के प्रयास अब असफल हो रहे हैं और रूस एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय कूटनीति की शीर्ष मेज पर लौट आया है। रूस के विशेष दूत किरिल दिमित्रिएव ने बैठक से पहले के माहौल को तकरार भरा बताया और कहा कि दोनों नेता न केवल यूक्रेन बल्कि द्विपक्षीय संबंधों के पूरे दायरे पर चर्चा करेंगे।

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ट्रंप ने पहले कहा था कि वह रूस का युद्ध 24 घंटे में खत्म कर देंगे। बाद में उन्होंने स्वीकार किया कि यह उतना आसान नहीं है जितना उन्होंने सोचा था। उन्होंने कहा अगर बैठक में बातचीत अच्छी रही तो वह जल्दी ही बातचीत की प्रक्रिया में जेलेंस्की को शामिल करेंगे। जेलेंस्की और पुतिन के साथ एक दूसरी, त्रिपक्षीय बैठक आयोजित करना उनकी पुतिन से मुलाकात से भी अधिक महत्वपूर्ण होगा। क्रेमलिन प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कहा कि अगर अलास्का वार्ता सफल रहती है तो त्रिपक्षीय बैठक संभव है। उन्होंने यह भी बताया कि शिखर बैठक में बातचीत छह से सात घंटे तक चल सकती है और इसमें सहायक अधिकारी भी शामिल होंगे, जबकि पहले इसे सिर्फ एक-से-एक बैठक माना जा रहा था।

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