PM Modi SCO Summit China : गलवान झड़प के बाद पहली बार चीन पहुंचे मोदी, पुतिन-जिनपिंग से करेंगे मुलाकात

तियानजिन। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सात साल बाद चीन पहुंचे हैं। वे यहां 31 अगस्त से 1 सितंबर तक होने वाले शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब भारत और चीन के रिश्तों में पिछले कुछ महीनों में नरमी आई है। सीमा विवाद पर प्रगति, व्यापार में सहयोग और सांस्कृतिक आदान-प्रदान बढ़ने से दोनों देशों के बीच बातचीत का नया अध्याय शुरू हुआ है।
सात साल बाद चीन पहुंचे मोदी
मोदी इससे पहले अप्रैल 2018 में चीन गए थे। इसके बाद जून 2020 में गलवान घाटी की झड़प ने रिश्तों को गहरी खाई में धकेल दिया। लेकिन अब कई अहम फैसलों जैसे देपसांग-डेमचोक से सैनिकों की वापसी, सीधी फ्लाइट सर्विस की बहाली और कैलाश मानसरोवर यात्रा की अनुमति ने दोनों देशों के बीच संवाद की राह फिर खोली है।
मोदी-जिनपिंग मुलाकात पर सबकी निगाह
31 अगस्त को मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की दोपहर 12 बजे (चीनी समयानुसार) तिआनजिन में द्विपक्षीय बैठक होगी। 40 मिनट तय इस मुलाकात को बेहद अहम माना जा रहा है। यह दस महीनों में दोनों नेताओं की दूसरी भेंट है। इससे पहले वे अक्टूबर 2024 में रूस के कजान शहर में BRICS सम्मेलन के दौरान मिले थे। विशेषज्ञ मानते हैं कि मोदी इस बैठक में सीमा विवाद के स्थायी समाधान, व्यापार संतुलन और आतंकवाद पर कड़े रुख जैसे मुद्दे उठाएंगे।
SCO समिट क्यों खास?
- गलवान झड़प के बाद मोदी का पहला चीन दौरा- इस वजह से पूरी दुनिया की नजर तिआनजिन पर है।
- अमेरिका का दबाव- राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत, चीन समेत SCO देशों पर भारी टैरिफ लगाया है। ऐसे में यह समिट अमेरिकी दबाव के खिलाफ सामूहिक मंच की तरह दिख रही है।
- जिनपिंग का एजेंडा- चीन अमेरिका-प्रभुत्व वाले ग्लोबल ऑर्डर का विकल्प पेश करना चाहता है।
- भारत का फोकस- मोदी आतंकरोधी सहयोग पर समर्थन जुटाने की कोशिश करेंगे, खासकर पाकिस्तान की मौजूदगी में।
- 20 से ज्यादा देशों की मौजूदगी- यह SCO के इतिहास की सबसे बड़ी समिट है।
पुतिन भी पहुंचे चीन
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी तीन डिप्टी पीएम और 12 मंत्रियों के साथ तिआनजिन पहुंचे हैं। वे समिट में हिस्सा लेने के बाद बीजिंग में 3 सितंबर को सैन्य परेड में भी शामिल होंगे। सोमवार को उनकी और मोदी की दोपहर 12:15 बजे द्विपक्षीय बैठक प्रस्तावित है।
भारत-चीन रिश्तों में हालिया नरमी
- अक्टूबर 2024 में सैनिकों की सीमित वापसी और गश्त की अनुमति।
- जनवरी 2025 में सीधी फ्लाइट सर्विस और कैलाश मानसरोवर यात्रा की बहाली।
- जुलाई 2025 में विदेश मंत्री एस. जयशंकर का चीन दौरा।
- 24 जुलाई 2025 से भारतीय वीजा चीनी पर्यटकों के लिए खुले।
अमेरिका क्यों चिंतित?
SCO हमेशा चीन के प्रभाव में रहा है। अमेरिका को लगता है कि यह मंच भारत, रूस, ईरान और सेंट्रल एशिया के सहयोग से वैकल्पिक ताकत बन सकता है। साथ ही, दुनिया के आधे से ज्यादा रेयर अर्थ रिजर्व चीन के पास हैं, जो अमेरिका की तकनीकी और रक्षा उद्योग के लिए जरूरी हैं।
तिआनजिन में मोदी का शेड्यूल
रविवार, 31 अगस्त 2025
- αñªαÑïαñ¬αñ╣αñ░ 12:00 – 12:40 αñ¼αñ£αÑç: αñ░αñ╛αñ╖αÑìαñƒαÑìαñ░αñ¬αññαñ┐ αñ╢αÑÇ αñ£αñ┐αñ¿αñ¬αñ┐αñéαñù αñ╕αÑç αñ«αÑüαñ▓αñ╛αñòαñ╛αññ
- αñ╢αñ╛αñ« 5:00 – 5:45 αñ¼αñ£αÑç: αñÅαñò αñöαñ░ αñªαÑìαñ╡αñ┐αñ¬αñòαÑìαñ╖αÑÇαñ» αñ¼αÑêαñáαñò
- αñ░αñ╛αññ 7:00 – 8:30 αñ¼αñ£αÑç: SCO αñ¿αÑçαññαñ╛αñôαñé αñòαñ╛ αñ╕αÑìαñ╡αñ╛αñùαññ αñ╕αñ«αñ╛αñ░αÑïαñ╣
सोमवार, 1 सितंबर 2025
- αñ╕αÑüαñ¼αñ╣ 10:00 – 11:40 αñ¼αñ£αÑç: SCO αñ¿αÑçαññαñ╛αñôαñé αñòαÑÇ αñ¼αÑêαñáαñò
- αñªαÑïαñ¬αñ╣αñ░ 12:15 – 1:00 αñ¼αñ£αÑç: αñ░αÑéαñ╕αÑÇ αñ░αñ╛αñ╖αÑìαñƒαÑìαñ░αñ¬αññαñ┐ αñ¬αÑüαññαñ┐αñ¿ αñ╕αÑç αñªαÑìαñ╡αñ┐αñ¬αñòαÑìαñ╖αÑÇαñ» αñ╡αñ╛αñ░αÑìαññαñ╛
- दोपहर 1:40 बजे: मोदी का दिल्ली के लिए प्रस्थान
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