पाक की आर्थिक स्थिति खस्ता, फिर भी भारत को दे रहा गीदड़भभकी; जुलाई में व्यापार घाटा 44% बढ़ा, आयात पर निर्भर पाकिस्तान

पाक की आर्थिक स्थिति खस्ता, फिर भी भारत को दे रहा गीदड़भभकी; जुलाई में व्यापार घाटा 44% बढ़ा, आयात पर निर्भर पाकिस्तान

पाकिस्तान का व्यापार घाटा जुलाई में 44% बढ़कर 2.7 अरब डॉलर पहुंच गया है। यह वृद्धि मुख्य रूप से आयात में तेज उछाल के कारण हुई है, जिससे पहले से संकटग्रस्त अर्थव्यवस्था पर नए सवाल खड़े हो गए हैं। द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, सरकार ने इसे अस्थायी स्थिति बताया है, लेकिन विशेषज्ञ इसे चिंताजनक मान रहे हैं।

सरकार ने बताया अस्थायी गिरावट

पाकिस्तान के योजना मंत्री अहसन इकबाल ने इस बढ़ोतरी को अस्थायी डिप बताया और दावा किया कि कच्चे माल के आयात बढ़ने से भविष्य में निर्यात में वृद्धि होगी, जो इस घाटे की भरपाई करेगी। उन्होंने कहा कि यदि पाकिस्तानी निर्यातक वैश्विक बाजारों में पहुंच बनाने में सफल होते हैं तो वे अमेरिकी रियायती टैरिफ दरों का लाभ उठा सकते हैं।

IMF-विश्व बैंक की शर्तों पर कम हुए आयात शुल्क

पाकिस्तान ब्यूरो ऑफ स्टैटिस्टिक्स (PBS) के आंकड़ों के अनुसार, जुलाई 2024 की तुलना में इस साल जुलाई में व्यापार घाटा 44% अधिक रहा। सरकार ने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) और विश्व बैंक की शर्तों के तहत आयात शुल्क घटाए, जिससे आयात में और तेजी आई। अधिकारियों का मानना है कि कई कंपनियों ने कम शुल्क का फायदा लेने के लिए शिपमेंट रोक रखी थी, जो अब नए वित्तीय वर्ष में आईं।

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निर्यात और रेमिटेंस में बढ़ोतरी, लेकिन चिंताएं बरकरार

जुलाई में पाकिस्तान का निर्यात 16.9% बढ़कर 2.7 अरब डॉलर पर पहुंचा, जबकि विदेशी रेमिटेंस 7.4% बढ़कर 3.2 अरब डॉलर रहा। सरकार इसे प्रवासी पाकिस्तानियों के भरोसे का परिणाम बता रही है। हालांकि, विदेशी मुद्रा भंडार की नाजुक स्थिति और बाहरी खातों पर दबाव को देखते हुए, कई अर्थशास्त्री सरकार की आशावादी आकलनों को समय से पहले मानते हैं।

(इनपुट एएनआई)

Wasif Khan
By Wasif Khan

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