नेशनल अवॉर्ड अपने नाम करने वाली तीन फिल्मों से मप्र का गहरा नाता, बिना सुपरस्टार के चर्चा में रही तीनों फिल्में

नेशनल अवॉर्ड अपने नाम करने वाली तीनों फिल्मों में मध्य प्रदेश का टैलेंट शामिल।
नेशनल अवॉर्ड अपने नाम करने वाली तीन फिल्मों से मप्र का गहरा नाता, बिना सुपरस्टार के चर्चा में रही तीनों फिल्में

पल्लवी वाघेला, भोपाल। एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में कोई क्षेत्र ऐसा नहीं है, जहां मप्र के टैलेंट ने अपना परचम न फहराया हो। ताजा उदाहरण है नेशनल अवॉर्ड जिसमें इस बार मप्र का खासा दखल रहा है। यहां मप्र से जुड़ी तीन फिल्में अपनी अलग विषय वस्तु और ट्रीटमेंट के चलते खासी चर्चा में रही और प्रतिष्ठित नेशनल अवॉर्ड भी अपने नाम किया। यह तीन फिल्में हैं हास्य व्यंग्य शैली की 'कटहल', गंभीर मुद्दे को उठाती 'द केरला स्टोरी' और युवाओं को प्रेरित करती '12वीं फेल'।

12वीं फेल

नेशनल अवॉर्ड - बेस्ट फीचर फिल्म, बेस्ट एक्टर

विधु विनोद चोपड़ा की यह फिल्म मप्र के ग्वालियर में जन्में और वर्तमान में इंदौर में जीएसटी डिप्टी कमिश्नर अनुराग पाठक के इसी नाम के नॉवेल पर आधारित है। यह मप्र के मुरैना में जन्में आईपीएस मनोज शर्मा की वास्तविक कहानी है और फिल्म की शुरूआत मुरैना की पृष्ठभूमि से ही होती है।

सुखद है

यह कहानी एक सकारात्मक सोच के साथ लिखी थी और परिणाम भी सकारात्मक ही रहे हैं। सभी की मेहनत पाठक और दर्शकों तक पहुंची, यह सुखद अनुभूति है7

अनुराग पाठक, राइटर

कटहल

नेशनल अवॉर्ड - बेस्ट फिल्म इन हिंदी

नेटफ्लिक्स के लिए तैयार फिल्म कटहल के राइटर अशोक मिश्रा और डायरेक्टर यशोवर्धन मिश्रा की पिता-पुत्र की जोड़ी सतना से है। अशोक मिश्रा जहां इसके पहले वेल डन अब्बा, बवंडर, वेलकम टू सज्जनपुर जैसी फिल्मों में लेखनी का कमाल दिखा चुके हैं, वहीं यशोवर्धन की यह निर्देशक के तौर पर डेब्यू मूवी है। यशोवर्धन इसे बड़ी उपलब्धि मानते हुए कहते हैं- जब भोपाल के प्रसिद्ध व्यंग्यकार पद्मश्री ज्ञान चतुर्वेदी जी ने कहा था कि यह हिंदी की पहली व्यंग्य फिल्म है तो खुशी हुई थी। इस अवॉर्ड ने साबित कर दिया कि हम जो कहना चाहते थे लोगों तक पहुंचा है।

प्रतिभाशाली लोगों का प्रदेश

मप्र के लोगों की हिंदी और उर्दू दोनों ही अच्छी है और साहित्यिक बैकग्राउंड से मंझकर निखरी प्रतिभा का फायदा भी मिलता है। इस फिल्म में हमने बुंदेली का इस्तेमाल किया है और फिल्म की शूटिंग भी ग्वालियर और आस-पास ही हुई है। खुशी है सभी को यह पसंद आई।

αñàαñ╢αÑïαñò αñ«αñ┐αñ╢αÑìαñ░αñ╛, αñ░αñ╛αñçαñƒαñ░ 

केरला स्टोरी

नेशनल अवॉर्ड - बेस्ट डायरेक्शन, बेस्ट सिनेमेटोग्राफी

ट्रेलर आने के बाद से ही विवादों में रही केरला स्टोरी ने बॉक्स ऑफिस रिकॉर्ड तोड़ने के बाद अब नेशनल अवॉर्ड भी अपने नाम किए हैं। जब डायरेक्टर इस फिल्म को लिखने राइटर की खोज में थे तो सभी ने विषय के चलते मना कर दिया। ऐसे में मप्र के धार के रहने वाले सूर्यपाल सिंह ने इसे लिखा।

मुश्किलों में बनी अच्छी फिल्म

फिल्म को यह दोनों अवार्ड इसलिए मिले कि डायरेक्टर सुदीप्तो सेन ने इस तरह के रिस्की सब्जेक्ट पर अपनी बात को सामने लाने का साहस किया। वहीं, कोरोना के चलते भारत के कारगिल में विषय परिस्थिति और कम संसाधन में अफगानिस्तान और बलूचिस्तान वाला हिस्सा शूट किया गया और वह भी इतना बेहतर तरीके से। यह फिल्म एक जुएं की ही तरह थी। जहां तक विवाद की बात है, तो वही लोग विरोध कर रहे हैं जिन्होंने अब तक फिल्म देखी नहीं है। सूर्यपाल सिंह, राइटर

ये भी पढ़ें: ग्वालियर: फेशवॉश लेने के बहाने दुकान में घुसे, दुकानदार महिलाओं से की ठगी, स्प्रे कर सोने के टॉप्स और पैसे लेकर फरार

फिल्म वालों को भाया एमपी

αñ½αñ┐αñ▓αÑìαñ« αñ¬αñ░αÑìαñ»αñƒαñ¿ αñ¿αÑÇαññαñ┐-2020 αñ▓αñ╛αñùαÑé αñ╣αÑïαñ¿αÑç αñòαÑç αñ¼αñ╛αñª αñ╕αÑç αñ░αñ╛αñ£αñºαñ╛αñ¿αÑÇ αñ¡αÑïαñ¬αñ╛αñ▓ αñ╕αñ╣αñ┐αññ αñ¬αÑéαñ░αÑç αñ¬αÑìαñ░αñªαÑçαñ╢ αñòαÑï αñÅαñò αñ¿αñê αñ¬αñ╣αñÜαñ╛αñ¿ αñ«αñ┐αñ▓αÑÇ αñ╣αÑêαÑñ αñçαñéαñªαÑîαñ░, αñùαÑìαñ╡αñ╛αñ▓αñ┐αñ»αñ░, αñÜαñéαñªαÑçαñ░αÑÇ, αñ«αñ╣αÑçαñ╢αÑìαñ╡αñ░, αñ£αñ¼αñ▓αñ¬αÑüαñ░, αñ¡αÑïαñ¬αñ╛αñ▓ αñöαñ░ αñçαñ╕αñòαÑç αñåαñ╕αñ¬αñ╛αñ╕ αñ╢αÑéαñƒ αñ╣αÑïαñ¿αÑç αñ╡αñ╛αñ▓αÑÇ αñòαÑüαñ¢ αñ¬αÑìαñ░αñ«αÑüαñû αñ½αñ┐αñ▓αÑìαñ«αÑïαñé αñ«αÑçαñé αñ╕αÑìαññαÑìαñ░αÑÇ, αñ¡αÑüαñ£ αñª αñ¬αÑìαñ░αñ╛αñçαñí αñæαñ½ αñçαñéαñíαñ┐αñ»αñ╛, αñ▓αñ╛αñ¬αññαñ╛ αñ▓αÑçαñíαÑÇαñ£, αñ«αÑïαñ╣αñ¿αñ£αÑï-αñªαñ╛αñíαÑï, αñ╕αÑüαñê αñºαñ╛αñùαñ╛, αñ╢αÑçαñ░αñ¿αÑÇ, αñªαÑüαñ░αÑìαñùαñ╛αñ╡αññαÑÇ, αñ¡αÑéαñ▓-αñ¡αÑüαñ▓αÑêαñ»αñ╛ 3, αñºαñíαñ╝αñò 2 αñ£αÑêαñ╕αÑÇ αñ½αñ┐αñ▓αÑìαñ«αÑïαñé αñòαÑç αñ¿αñ╛αñ« αñ╢αñ╛αñ«αñ┐αñ▓ αñ╣αÑêαñéαÑñ αñ╡αñ╣αÑÇαñé αñ╡αÑçαñ¼ αñ╕αÑÇαñ░αÑÇαñ£ αñòαÑÇ αñ¼αñ╛αññ αñòαñ░αÑçαñé αññαÑï αñ«αñ╣αñ╛αñ░αñ╛αñ¿αÑÇ, αñ¬αñéαñÜαñ╛αñ»αññ, αñòαÑïαñƒαñ╛ αñ½αÑêαñòαÑìαñƒαÑìαñ░αÑÇ, αñùαÑüαñ▓αÑìαñ▓αñò, αñùαÑüαñƒαñ░αñùαÑéαñé, αñ»αÑç αñòαñ╛αñ▓αÑÇ-αñòαñ╛αñ▓αÑÇ αñåαñéαñûαÑçαñé, αñ╕αÑìαñ╡αñ╛αñçαñ¬ αñòαÑìαñ░αñ╛αñçαñ« αñ╕αñ╣αñ┐αññ αñ▓αñéαñ¼αÑÇ αñ▓αñ┐αñ╕αÑìαñƒ αñ«αÑîαñ£αÑéαñª αñ╣αÑêαÑñ αñåαñ¿αÑç αñ╡αñ╛αñ▓αÑç αñªαñ┐αñ¿αÑïαñé αñçαñ¿αñ«αÑçαñé αñ╕αÑç αñòαÑüαñ¢  αñ╡αÑçαñ¼αñ╕αÑÇαñ░αÑÇαñ£ αñòαÑç αñ¿αñÅ αñ╕αÑÇαñ£αñ¿ αñòαÑç αñ╕αñ╛αñÑ αñ╣αÑÇ αñòαÑüαñ¢ αñ½αñ┐αñ▓αÑìαñ«αÑïαñé αñòαÑÇ αñ╢αÑéαñƒαñ┐αñéαñù αñòαñ╛ αñ╢αÑçαñíαÑìαñ»αÑéαñ▓ αñ¡αÑÇ αññαñ» αñ╣αÑêαÑñ

Wasif Khan
By Wasif Khan

αñ½αñ┐αñ▓αñ╣αñ╛αñ▓ αñ£αÑüαñ▓αñ╛αñê 2024 αñ╕αÑç αñ¬αÑÇαñ¬αÑüαñ▓αÑìαñ╕ αñàαñ¬αñíαÑçαñƒ αñ«αÑçαñé αñ╕αñ...

Latest Posts