MP Weather Update : भोपाल सहित प्रदेशभर में मानसून की चाल सुस्त, रक्षाबंधन तक साफ रहेगा मौसम; कई जिलों में हल्की बूंदाबांदी के आसार

भोपाल। अगस्त के पहले सप्ताह में मध्य प्रदेश में मानसून की रफ्तार धीमी पड़ गई है। जून-जुलाई में झमाझम बारिश के बाद अब प्रदेश में मानसून की रफ्तार थम गई है। हालांकि अब तक सामान्य से 44% ज्यादा बारिश हो चुकी है। बीते सप्ताह जहां पूर्वी मध्यप्रदेश में बाढ़ जैसे हालात बने, वहीं अब रक्षाबंधन (19 अगस्त) तक मौसम साफ और गर्म रहने के आसार हैं। मौसम विभाग के अनुसार, इस समय कोई स्ट्रॉन्ग सिस्टम सक्रिय नहीं है, जिससे अगले 4-5 दिनों तक तेज बारिश की संभावना नहीं है।
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अब तक औसत 28.7 इंच बारिश दर्ज
1 जून से 4 अगस्त तक प्रदेश में औसतन 28.7 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है, जबकि सामान्य 19.5 इंच मानी जाती है। यानी अब तक 9.2 इंच बारिश ज्यादा हो चुकी है। पूर्वी मध्यप्रदेश (जबलपुर, सागर, रीवा, शहडोल) में औसत से 48% और पश्चिमी हिस्से (भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर) में 39% अधिक वर्षा हुई है।
इन जिलों में सबसे ज्यादा बारिश
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αñ¿αñ┐αñ╡αñ╛αñíαñ╝αÑÇ – 45.1 αñçαñéαñÜ
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वहीं इंदौर (11 इंच), बुरहानपुर (11.1), बड़वानी (11.5), खरगोन (11.8), खंडवा (12.8) जैसे जिलों में अब भी काफी कम बारिश हुई है।
अगले कुछ दिन कैसा रहेगा मौसम
मौसम विभाग ने 6 से 9 अगस्त तक तेज बारिश की संभावना खारिज कर दी है। हालांकि गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है। ग्वालियर-चंबल संभाग (ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया) के लिए 6 अगस्त को भारी बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट जरूर जारी किया गया है। भोपाल, इंदौर और जबलपुर में बादल छाए रह सकते हैं।
अगस्त के दूसरे सप्ताह में फिर एक्टिव होगा मानसून
मौसम विभाग की मानें तो अगस्त के दूसरे सप्ताह में सिस्टम फिर एक्टिव होगा और बारिश का नया दौर शुरू हो सकता है, जो पूरे महीने जारी रहेगा। इससे उम्मीद की जा रही है कि अगस्त में ही मानसून का कुल लक्ष्य पूरा हो जाएगा।
इतिहास के कुछ रिकॉर्ड
भोपाल: अगस्त 2006 में रिकॉर्ड 35 इंच बारिश हुई थी, जिसमें 14 अगस्त को 12 इंच पानी गिरा था।
इंदौर: अगस्त 1944 में 28 इंच बारिश, 2020 में एक दिन में 10.5 इंच।
ग्वालियर: 10 अगस्त 1927 को 8.5 इंच बारिश।
जबलपुर: अगस्त 1923 में 44 इंच बारिश, एक दिन में 13 इंच पानी गिरा था।
उज्जैन: अगस्त 2006 में 35 इंच बारिश, एक दिन में 12 इंच।
अभी सक्रिय हैं ये मौसम प्रणालियां
- मानसून ट्रफ लाइन अमृतसर से अरुणाचल तक फैली।
- सौराष्ट्र और दक्षिण राजस्थान के ऊपर चक्रवातीय परिसंचरण।
- उत्तरप्रदेश से बिहार तक फैली ट्रफ रेखा।
- इन कारणों से ही कई क्षेत्रों में बादलों की आवाजाही और हल्की बारिश जारी है।
CM का निर्देश- हर नुकसान की होगी भरपाई
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बारिश से प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल राहत पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। हर नुकसान का सर्वे कराकर डीबीटी के माध्यम से सीधे सहायता राशि खातों में दी जाएगी। प्रशासन को सतर्क रहने और प्रभावितों के साथ खड़े रहने के आदेश दिए गए हैं।
राज्य सरकार और मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे बिजली गिरने, पुराने भवनों और पेड़ों से दूरी बनाए रखें। अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें। जिन जिलों में भारी बारिश की संभावना है, वहां विशेष सतर्कता बरती जाए।

















