भारत की अर्थव्यवस्था पर ट्रंप के बयान का पीएम मोदी का पलटवार, बोले- हम विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर
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ट्रंप के बयान पर सीधा संदेश
31 जुलाई को अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत और रूस को डेड इकोनॉमी बताते हुए 25% टैरिफ लगाने की घोषणा की थी। उन्होंने टिप्पणी की थी कि भारत और रूस अपनी अर्थव्यवस्था को साथ ले डूबें, मुझे क्या।
मोदी ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भारत आज विश्व अर्थव्यवस्था में अपनी पहचान मजबूत कर चुका है और यह बदलाव सुधारों, प्रदर्शन और रूपांतरण की स्पष्ट रणनीति का नतीजा है।
ऑपरेशन सिंदूर का किया जिक्र
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने हालिया ऑपरेशन सिंदूर का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारतीय सैनिकों की क्षमता को पूरी दुनिया ने देखा है, जिन्होंने आतंकियों और पाकिस्तान को घुटने टेकने पर मजबूर किया। इस अभियान की सफलता के पीछे अत्याधुनिक तकनीक और मेक इन इंडिया की शक्ति है, जिसमें बेंगलुरु के युवाओं का भी अहम योगदान रहा।
तीन वंदे भारत ट्रेनों को हरी झंडी
पीएम मोदी ने अपने दौरे के दौरान बेंगलुरु के केएसआर रेलवे स्टेशन से तीन नई वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों का शुभारंभ किया। इनमें बेंगलुरु से बेलगावी, अमृतसर से श्री माता वैष्णो देवी कटरा और नागपुर (अजनी) से पुणे के बीच चलने वाली ट्रेनें शामिल हैं। उन्होंने कहा कि ये हाई-स्पीड ट्रेनें यात्रियों को तेज, आरामदायक और आधुनिक यात्रा का अनुभव देंगी तथा यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी लाएंगी।
22,000 करोड़ से अधिक विकास परियोजनाओं का शिलान्यास
प्रधानमंत्री ने कर्नाटक में 22,000 करोड़ रुपए से अधिक की विकास परियोजनाओं का शुभारंभ और शिलान्यास किया। इसमें बेंगलुरु मेट्रो की यलो लाइन का उद्घाटन भी शामिल है, जो आरवी रोड (रगिगुड्डा) से बोम्मसंद्रा तक 19.15 किलोमीटर लंबी है और इसमें 16 स्टेशन हैं। इस परियोजना पर 7,160 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं। यलो लाइन शुरू होने के बाद बेंगलुरु मेट्रो का कुल नेटवर्क 96 किलोमीटर से ज्यादा हो गया है, जिससे लाखों यात्रियों को लाभ मिलेगा।
मेट्रो नेटवर्क का विस्तार
मोदी ने कहा कि यलो मेट्रो लाइन और जल्द शुरू होने वाली ऑरेंज लाइन से बेंगलुरु मेट्रो प्रतिदिन 25 लाख यात्रियों को सुविधा प्रदान करेगी। उन्होंने यह भी बताया कि बेंगलुरु मेट्रो के विकास में इन्फोसिस समेत कई बड़ी कंपनियों ने फंडिंग की है, जिसके लिए उन्होंने कॉर्पोरेट सेक्टर को बधाई दी।
पीएम ने 2014 के बाद हुए बदलावों पर जोर देते हुए कहा कि उस समय देश में 74 एयरपोर्ट थे, जो अब 160 से अधिक हो गए हैं। नेशनल वॉटरवेज की संख्या 3 से बढ़कर 30 हो चुकी है। 11 साल पहले देश में 7 एम्स थे, जो अब 22 हो गए हैं, जबकि मेडिकल कॉलेजों की संख्या 700 तक पहुंच गई है। भारत का कुल निर्यात 2014 के 468 बिलियन डॉलर से बढ़कर आज 824 बिलियन डॉलर हो चुका है।
टेक्नोलॉजी और मैन्युफैक्चरिंग में भी भारत ने लगाई छलांग
मोदी ने कहा कि भारत वैश्विक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और सेमीकंडक्टर मिशन को गति मिल रही है। जल्द ही मेड इन इंडिया चिप बाजार में आएगी। उन्होंने बताया कि 2014 से पहले भारत मोबाइल का आयात करता था, लेकिन अब वह दुनिया के टॉप-5 मोबाइल निर्यातकों में शामिल है। इलेक्ट्रॉनिक निर्यात 6 बिलियन डॉलर से बढ़कर 38 बिलियन डॉलर हो चुका है, जबकि ऑटोमोबाइल निर्यात 16 बिलियन डॉलर से दोगुना हो गया है।
















