Budget 2026 लाड़ली बहनों पर बरसा खजाना, महिलाओं को क्या-क्या मिला?

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मध्य प्रदेश सरकार ने विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया। यह डॉ. मोहन यादव सरकार का तीसरा बजट है, जबकि वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा का यह सातवां बजट रहा। पहली बार बजट को पूरी तरह पेपरलेस तरीके से प्रस्तुत किया गया। सरकार ने साफ कहा कि उसका लक्ष्य है हर हाथ को काम मिले और हर व्यक्ति को विकास का लाभ पहुंचे।
वित्त मंत्री ने बताया कि यह बजट प्रधानमंत्री के सपनों को साकार करने की दिशा में एक कदम है। इसमें युवाओं को रोजगार, महिलाओं को सशक्तिकरण और गरीब वर्ग को सुरक्षा देने पर विशेष ध्यान दिया गया है।
रामेश्वर शर्मा ने जबलपुर में आरती और हनुमान चालीसा के दौरान हुए पथराव पर कड़ा रुख दिखाया। उन्होंने कहा, आस्था पर हमला करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा, कानून सख्त कार्रवाई करेगा।@rameshwar4111 @JansamparkMP @PeoplesUpdate pic.twitter.com/ddkokZ2WMZ
— People's Update (@PeoplesUpdate) February 20, 2026
नारी केंद्रित बजट की झलक
सरकार ने इस बजट को नारी शक्ति को ध्यान में रखकर तैयार किया है। महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई बड़े प्रावधान किए गए हैं।
लाड़ली बहना योजना में प्रावधान
लाड़ली बहना योजना सरकार की प्रमुख योजनाओं में से एक है। बजट में बताया गया कि इस योजना में 1 करोड़ 25 लाख महिलाएं पंजीकृत हैं।
वित्त वर्ष 2026-27 के लिए इस योजना में 23,882 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। जून 2023 से फरवरी 2026 तक महिलाओं को 33 किश्तों का नियमित भुगतान किया जा चुका है।
जनवरी 2024 से दिसंबर 2025 के बीच 38,635 करोड़ 89 लाख रुपए महिलाओं के खातों में सीधे ट्रांसफर किए गए। सरकार का दावा है कि इस योजना से महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा मिली है और उनके जीवन में सम्मान और आत्मनिर्भरता बढ़ी है।
आने वाले समय में महिलाओं को रोजगार, स्वरोजगार और कौशल विकास कार्यक्रमों से जोड़ने की भी योजना है, ताकि वे खुद कमाकर आगे बढ़ सकें।
लाड़ली लक्ष्मी योजना 2.0 का विस्तार
लाड़ली लक्ष्मी योजना भी बजट का अहम हिस्सा रही। सरकार ने बताया कि लाड़ली लक्ष्मी योजना 2.0 के तहत 52 लाख 29 हजार बालिकाओं को लाभ मिल रहा है।
अब तक 14 लाख 12 हजार बालिकाओं को छात्रवृत्ति दी जा चुकी है। इस योजना के लिए 1800 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
सरकार का कहना है कि इस योजना का उद्देश्य बेटियों की पढ़ाई और भविष्य को सुरक्षित करना है। इससे परिवारों को बेटियों की शिक्षा और परवरिश में आर्थिक सहयोग मिलता है।
आंगनवाड़ी और महिला कल्याण पर जोर
महिला और बाल विकास विभाग को मजबूत करने के लिए सरकार ने आंगनवाड़ियों में 19 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की है। इससे सेवाओं में सुधार होगा और बच्चों व महिलाओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
सरकार ने महिलाओं और बालिकाओं से जुड़ी विभिन्न योजनाओं के लिए कुल 1,27,555 करोड़ रुपए का बड़ा प्रावधान किया है। इसमें पोषण, स्वास्थ्य, सुरक्षा और शिक्षा से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं।
रोजगार और औद्योगिकीकरण पर फोकस
बजट में युवाओं को रोजगार देने पर भी खास ध्यान दिया गया है। सरकार ने कहा कि वह हर हाथ को काम देने के लिए प्रतिबद्ध है। औद्योगिकीकरण और अधोसंरचना विकास पर भी जोर दिया गया है, ताकि नए उद्योग लगें और रोजगार के अवसर बढ़ें।

















