कल से जुबान संभाल के... आरटीओ से बहस की तो फंस जाओगे

अशोक गौतम
भोपाल। अब परिवहन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों पर वाहनों की जांच के दौरान बेबुनियादी पैसे के लेन-देन और बदतमीजी के आरोप लगाना आसान नहीं होगा। दसअसल अब इस विभाग का जांच अमला बॉडी वार्न कैमरे से लैस होगा। इसके लिए हाइवे पर वाहनों की जांच-पड़ताल करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को बॉडी वार्न कैमरे दिए गए हैं। कैमरा लगने के बाद ही कर्मचारी, अधिकारी रोड पर खड़े होकर जांच-पड़ताल कर सकेंगे। इससे पूरी घटना, दस्तावेजों की जांच के दौरान चेक पोस्ट पर मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच जो भी संवाद होगा, उसकी रिकॉर्डिंग की जा सकेगी।
कंट्रोल रूम में दिखेगा लाइव
1.भोपाल और परिवहन मुख्यालय ग्वालियर में कंट्रोल सेंटर बनेगा।
2. सभी चेक पोस्ट और बॉडी वार्न कैमरों की रिकार्डिंग का लाइव कंट्रोल रुम के स्क्रीन पर दिखाई देगा।
3. कैमरों को इंटरनेट और जीपीएस के जरिए जोड़ा जाएगा।
4. इस व्यवस्था से परिवहन जांच दलों की लोकेशन और मूवमेंट के बारे में भी पता लगाया जा सकेगा।
5. जांच प्रक्रिया अधिकारी भी अपने मोबाइल पर लाइव देख सकेंगे।
रखी जाएगी रिकॉर्डिंग
कंट्रोल रूम में सभी जांच चौकियों और जांच दलों की गतिविधियां कैमरे में रिकॉर्ड होंगी, उन्हें सुरक्षित रखा जाएगा। परिवहन विभाग ट्रायल के रूप में पिछले दो माह से बॉडी वार्न कैमरे का उपयोग कर रहा है। इसके परिणाम सकारात्मक आए है। इसके चलते सरकार इस सेवा को अब सभी जिलों और अस्थाई जांच चौकियों में अनिवार्य करने जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस सेवा को लागू और स्थाई करने मंगलवार को हरी झंडी दिखाएंगे।
ट्रांसपोर्ट सर्विसेस में मप्र दूसरे नंबर पर
वाहनों के परमिट, नवीनीकरण, सहित परिवहन विभाग की अन्य सभी आनलाइन सेवाएं फेसलेस की जाएगी। लर्निंग लाइसेंस सहित कुछ सेवाएं आॅटो एप्रूवल होंगी। इस मामले में मप्र देश में दूसरे नंबर पर आ गया है। सिर्फ हिमाचल प्रदेश मप्र से एक सेवाएं (हिल एरिया ड्राइविंग लाइसेंस) ज्यादा दे रहा है। यहां अब कोई भी ऐसी सेवाएं परिवहन विभाग की नहीं होंगी, जिसके लिए लोगों को परिवहन कार्यालय में जाना पड़े। इसके लिए परिवहन विभाग ने एक इंटिग्रेटेड पोर्टल तैयार किया है, जिसके जरिए यह सेवाएं लोगों का उपलब्ध कराई जाएंगी। परिवहन विभाग का मानना यह है कि परिवहन कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने से लोग एजेंटों और विभाग के कर्मचारियों का सहारा नहीं लेंगे। इससे काफी हद तक विभाग की अनियमितताएं भी खत्म होंगी।
मंत्री बोले-हर गतिविधि पर रहेगी नजर
αñ«αñ¬αÑìαñ░ αñòαÑç αñ¬αñ░αñ┐αñ╡αñ╣αñ¿ αñ«αñéαññαÑìαñ░αÑÇ αñ░αñ╛αñ╡ αñëαñªαñ» αñ¬αÑìαñ░αññαñ╛αñ¬ αñ╕αñ┐αñéαñ╣ αñòαñ╛ αñçαñ╕ αñ¼αñ╛αñ░αÑç αñ«αÑçαñé αñòαñ╣αñ¿αñ╛ αñ╣αÑê αñòαñ┐ ‘αñàαñ╕αÑìαñÑαñ╛αñê αñÜαÑçαñò αñ¬αÑïαñ╕αÑìαñƒ αñ¬αñ░ αñ£αñ╛αñéαñÜ αñòαñ░αñ¿αÑç αñ╡αñ╛αñ▓αÑç αñªαñ▓αÑïαñé αñòαÑï αñ¼αÑëαñíαÑÇ αñ╡αñ╛αñ░αÑìαñ¿ αñòαÑêαñ«αñ░αÑç αñëαñ¬αñ▓αñ¼αÑìαñº αñòαñ░αñ╛αñÅ αñùαñÅ αñ╣αÑêαñéαÑñ αñçαñ¿αñ╕αÑç αñ╡αñ╣αñ╛αñ¿αÑïαñé αñòαÑÇ αñ£αñ╛αñéαñÜ αñòαÑç αñ╡αñòαÑìαññ αñ£αÑï αñ¡αÑÇ αñÿαñƒαñ¿αñ╛αñòαÑìαñ░αñ« αñ╣αÑï αñàαñÑαñ╡αñ╛ αñ£αñ╛αñéαñÜ αñªαñ▓ αñöαñ░ αñíαÑìαñ░αñ╛αñçαñ╡αñ░ αñ»αñ╛ αñ«αÑïαñƒαñ░ αñ«αñ╛αñ▓αñ┐αñò αñòαÑç αñ¼αÑÇαñÜ αñ╕αñéαñ╡αñ╛αñª αñ╣αÑï αñëαñ╕αÑç αñªαÑçαñûαñ╛ αñöαñ░ αñ╕αÑüαñ¿αñ╛ αñ£αñ╛ αñ╕αñòαÑçαÑñ αñçαñ╕αñòαÑç αñàαñ▓αñ╛αñ╡αñ╛ αñ¬αÑìαñ░αñªαÑçαñ╢ αñ«αÑçαñé 51 αñ╕αÑçαñ╡αñ╛αñÅαñé αñ½αÑçαñ╕αñ▓αÑçαñ╕ αñòαÑÇ αñ£αñ╛ αñ░αñ╣αÑÇ αñ╣αÑêαñéαÑñ’

















