Parivartini Ekadashi 2025 :कब है परिवर्तिनी एकादशी? जानें व्रत और दान का महत्व

कब है परिवर्तिनी एकादशी? जानें व्रत और दान का महत्व
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    हिंदू धर्म में परिवर्तिनी एकादशी का व्रत बेहद पवित्र और फलदायी माना गया है। यह हर साल भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को पड़ती है। इस दिन भगवान विष्णु और उनके वामन रूप की पूजा की जाती है। मान्यता है कि इस व्रत से सभी पाप नष्ट होते हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस साल परिवर्तिनी एकादशी 3 सितंबर 2025 (मंगलवार) को मनाई जाएगी।

    पारण (व्रत तोड़ने का) समय - 01:52 पीएम से 04:21 पीएम

    पारण तिथि के दिन हरि वासर समाप्त होने का समय - 10:18 एएम

    एकादशी तिथि प्रारम्भ - 03 सितम्बर, 2025 को 03:53 एएम बजे

    एकादशी तिथि समाप्त - 04 सितम्बर, 2025 को 04:21 एएम बजे

    परिवर्तिनी एकादशी पर क्या दान करें?

    अनाज और भोजन

    ज़रूरतमंद लोगों को चावल, दाल, गेहूं या भोजन कराना शुभ माना जाता है। इससे घर में धन-धान्य की वृद्धि होती है और भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं।

    पीले वस्त्र

    विष्णुजी को पीला रंग प्रिय है। पीले कपड़े दान करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा आती है और आर्थिक संकट दूर होते हैं।

    फल

    मौसमी फल दान करने से अच्छे स्वास्थ्य और समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है।

    तिल

    तिल का दान करने से शनि दोष से मुक्ति मिलती है और जीवन में स्थिरता आती है। यह दान आध्यात्मिक और भौतिक सुख प्रदान करता है।

    गाय (गोदान)

    गाय का दान सबसे श्रेष्ठ माना गया है। अगर यह संभव न हो, तो गाय को चारा खिलाना भी उतना ही पुण्यकारी है।

    घी और शहद

    घी और शहद दान करने से घर में खुशहाली आती है और रिश्तों में मधुरता बनी रहती है।

    परिवर्तिनी एकादशी 2025 की तिथि और मुहूर्त

    एकादशी तिथि प्रारंभ : 03 सितंबर, सुबह 03:53 बजे

    एकादशी तिथि समाप्त : 04 सितंबर, सुबह 04:21 बजे

    पूजा का दिन : 03 सितंबर (मंगलवार)

    Shivani Gupta
    By Shivani Gupta

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