जीएसटी में बड़े बदलाव की तैयारी, अब 5% और 18% दो मुख्य स्लैब होंगे, लगभग खत्म हो जाएगा 12% स्लैब

जीएसटी में बड़े बदलाव की तैयारी, अब 5% और 18% दो मुख्य स्लैब होंगे, लगभग खत्म हो जाएगा 12% स्लैब
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

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    18% की टैक्स सीमा में आ जाएंगे ह्वाइट गुड्स

    रोजमर्रा के उपयोग और सामान्य उपभोग की वस्तुएं 5% की सीमा में रहेंगी, जबकि कुछ विशेष क्षेत्रों जैसे आभूषण, निर्यात और रोजगार-प्रधान सेक्टर के लिए मौजूदा कम दरें और छूट जारी रहेंगी। देश के खजाने में मौजूदा समय में 67% जीएसटी राजस्व 18% स्लैब से आता है, 12% स्लैब से 5% राजस्व और 5% स्लैब से 7% राजस्व प्राप्त होता है। सरकार का मानना है कि आवश्यक और सामान्य वस्तुओं पर टैक्स घटाने से भले ही शुरुआत में टैक्स संग्रह में थोड़ी गिरावट आए, लेकिन इससे उपभोग बढ़ेगा। इससे दीर्घकाल में अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और जीडीपी का आकार बड़ा होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर अपने भाषण में संकेत दिया है कि दिवाली तक नए दौर के जीएसटी सुधार लागू कर दिए जाएंगे। इन प्रस्तावों में न केवल जीएसटी की दर में बदलाव किए जाने हैं, बल्कि इसमें संरचनात्मक सुधार भी शामिल हैं। सरकार चाहती है कि समान प्रकार के सामान को एक ही टैक्स स्लैब में रखा जाए, ताकि नमकीन और स्नैक्स जैसी वस्तुओं पर वर्गीकरण का विवाद न हो।

    इन्वर्टेड ड्यूटी खत्म होने से कपड़ा-उर्वरक क्षेत्र को लाभ

    इन्वर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर को खत्म करना खासकर कपड़ा और उर्वरक क्षेत्र के लिए फायदेमंद होगा। बता दें इन्वर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर वह स्थिति है, जब किसी उत्पाद को बनाने में प्रयुक्त कच्चे माल पर लगने वाला टैक्स तैयार उत्पाद पर लगने वाले टैक्स से ज्यादा होता है। जीएसटी पंजीकरण को अधिक आसान और तेज बनाने के लिए लक्ष्य रखा गया है कि 95% मामलों में तीन दिनों के भीतर रजिस्ट्रेशन हो जाए। निर्यातकों और इन्वर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर से प्रभावित लोगों के लिए रिफंड प्रक्रिया को स्वचालित किया जाएगा । इसके अलावा, सरकार प्री-फिल्ड रिटर्न (पहले से भरे हुए टैक्स रिटर्न) लागू करना चाहती है, ताकि इनवॉइस में गड़बड़ी कम हो और अनुपालन का बोझ घटे। इन सभी बदलावों के लिए कानून में संशोधन की जरूरत नहीं होगी और जीएसटी काउंसिल की मंजूरी के बाद इन्हें नोटिफिकेशन के जरिए लागू किया जा सकेगा। प्रस्ताव व्यापक हैं, इसलिए अगले कुछ महीनों में काउंसिल की कई बैठकें हो सकती हैं। कुल मिलाकर यह बदलाव जीएसटी को सरल, स्पष्ट और व्यवसाय व उपभोक्ता दोनों के लिए अनुकूल बनाने के लिहाज से एक बड़ा कदम होगा।

    Aniruddh Singh
    By Aniruddh Singh

    अनिरुद्ध प्रताप सिंह। नवंबर 2024 से पीपु...

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