छोटी कारों पर जीएसटी की दर 28% से घटाकर 18% की गई तो 8% तक घट सकती हैं कीमतें

नई दिल्ली। स्वतंत्रता दिवस पर पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में जीएसटी कर की दरों में सुधारों की घोषणा की है। इसके बाद से बाजार में उत्सुकता का माहौल पैदा हो गया है। पीएम मोदी ने संकेत दिया है कि नया कर ढांचा अक्टूबर में लागू किया जा सकता है, जिसे दिवाली से पहले जनता के लिए एक तोहफा माना जा रहा है। इस सुधार का सबसे बड़ा प्रभाव ऑटोमोबाइल क्षेत्र पर देखा जा सकता है। फिलहाल पेट्रोल और डीजल इंजन वाली गाड़ियों पर 28% जीएसटी लगता है। इसके अलावा अतिरिक्त सेस भी वसूला जाता है। दूसरी ओर, इलेक्ट्रिक वाहन 5% और हाइड्रोजन फ्यूल सेल से चलने वाले वाहन 12% स्लैब में आते हैं। अब सरकार का इरादा 12% और 28% वाले स्लैब को हटाकर सिर्फ दो दरें 5% और 18% रखना है। अगर यह प्रस्ताव लागू होता है, तो ज्यादातर कारें 18% टैक्स के दायरे में आ जाएंगी, जबकि लग्जरी वाहनों पर 40% की नई दर लग सकती है। टैक्स दर में यह कटौती सीधे तौर पर गाड़ियों की शोरूम कीमत घट जाएगी। एचएसबीसी की रिपोर्ट के अनुसार अगर छोटी कारों पर कर की दर 28% से घटाकर 18% की गई है, तो उनकी कीमत 8% तक गिर सकती हैं।
36,000 रुपए तक सस्ती हो सकती है एंट्री-लेवल कार
αñçαñ╕αñòαñ╛ αñ«αññαñ▓αñ¼ αñ»αñ╣ αñ╣αÑüαñå αñòαñ┐ αñÅαñéαñƒαÑìαñ░αÑÇ-αñ▓αÑçαñ╡αñ▓ αñòαñ╛αñ░ αñòαñ░αÑÇαñ¼ 36,000 αñ░αÑüαñ¬αñÅ αññαñò αñ╕αñ╕αÑìαññαÑÇ αñ╣αÑï αñ╕αñòαññαÑÇ αñ╣αÑê, αñ£αñ¼αñòαñ┐ αñ¼αñ╛αñçαñò αñ¬αñ░ 6,200 αñ░αÑüαñ¬αñÅ αññαñò αñòαÑÇ αñ░αñ╛αñ╣αññ αñ«αñ┐αñ▓ αñ╕αñòαññαÑÇ αñ╣αÑêαÑñ αñæαñƒαÑï αñ╕αÑçαñòαÑìαñƒαñ░ αñòαÑç αñ╡αñ┐αñ╢αÑçαñ╖αñ£αÑìαñ₧ αñ«αñ╛αñ¿αññαÑç αñ╣αÑêαñé αñòαñ┐ αñ½αñ┐αñ▓αñ╣αñ╛αñ▓ αñùαÑìαñ░αñ╛αñ╣αñò αñùαñ╛αñíαñ╝αÑÇ αñûαñ░αÑÇαñªαñ¿αÑç αñ╕αÑç αñ¬αñ╣αñ▓αÑç αñçαñéαññαñ£αñ╛αñ░ αñòαñ░αÑçαñéαñùαÑç, αñòαÑìαñ»αÑïαñéαñòαñ┐ αñëαñ¿αÑìαñ╣αÑçαñé αñòαÑÇαñ«αññ αñÿαñƒαñ¿αÑç αñòαÑÇ αñëαñ«αÑìαñ«αÑÇαñª αñ╣αÑêαÑñ αñ╣αñ╛αñ▓αñ╛αñéαñòαñ┐ αñ▓αñéαñ¼αÑç αñ╕αñ«αñ» αñ«αÑçαñé αñ»αñ╣ αñ╕αÑüαñºαñ╛αñ░ αñëαñ¬αñ¡αÑïαñòαÑìαññαñ╛αñôαñé αñòαÑç αñ▓αñ┐αñÅ αñ½αñ╛αñ»αñªαÑçαñ«αñéαñª αñ░αñ╣αÑçαñùαñ╛ αñöαñ░ αñ¼αñ┐αñòαÑìαñ░αÑÇ αñòαÑï αñùαññαñ┐ αñªαÑçαñùαñ╛αÑñ αññαÑìαñ»αÑïαñ╣αñ╛αñ░αÑïαñé αñòαÑç αñ╕αÑÇαñ£αñ¿ αñ«αÑçαñé, αñûαñ╛αñ╕αñòαñ░ αñªαñ┐αñ╡αñ╛αñ▓αÑÇ αñòαÑç αñåαñ╕αñ¬αñ╛αñ╕, αñ£αñ¼ αñ»αñ╣ αñ╕αÑüαñºαñ╛αñ░ αñ▓αñ╛αñùαÑé αñ╣αÑïαñùαñ╛, αññαñ¼ αñ«αñ╛αñéαñù αñ«αÑçαñé αñçαñ£αñ╛αñ½αñ╛ αñªαÑçαñûαñ¿αÑç αñòαÑï αñ«αñ┐αñ▓ αñ╕αñòαññαñ╛ αñ╣αÑêαÑñ αñ½αñ┐αñ░ αñ¡αÑÇ αñàαñ▓αÑìαñ¬αñòαñ╛αñ▓ αñ«αÑçαñé αñòαñéαñ¬αñ¿αñ┐αñ»αÑïαñé αñòαÑç αñ▓αñ┐αñÅ αñ╕αÑìαñÑαñ┐αññαñ┐ αñÑαÑïαñíαñ╝αÑÇ αñÜαÑüαñ¿αÑîαññαÑÇαñ¬αÑéαñ░αÑìαñú αñ░αñ╣ αñ╕αñòαññαÑÇ αñ╣αÑêαÑñ αñùαÑìαñ░αñ╛αñ╣αñòαÑïαñé αñòαÑÇ “αñ╡αÑçαñƒ αñÅαñéαñí αñ╡αÑëαñÜ” αñ░αñúαñ¿αÑÇαññαñ┐ αñòαÑç αñòαñ╛αñ░αñú αññαÑìαñ»αÑïαñ╣αñ╛αñ░αÑïαñé αñòαÑÇ αñ╢αÑüαñ░αÑüαñåαññαÑÇ αñ¼αñ┐αñòαÑìαñ░αÑÇ αñºαÑÇαñ«αÑÇ αñ╣αÑï αñ╕αñòαññαÑÇ αñ╣αÑêαÑñ αñ▓αÑçαñòαñ┐αñ¿ αñªαÑÇαñ╡αñ╛αñ▓αÑÇ αññαñò αñòαÑÇαñ«αññαÑïαñé αñ«αÑçαñé αñòαñ«αÑÇ αñòαÑÇ αñ╡αñ£αñ╣ αñ╕αÑç αñ«αñ╛αñéαñù αñ«αÑçαñé αñëαñ¢αñ╛αñ▓ αñåαñ¿αÑç αñòαÑÇ αñ╕αñéαñ¡αñ╛αñ╡αñ¿αñ╛ αñ╣αÑêαÑñ αñ╡αñ╛αñ╣αñ¿ αñ¿αñ┐αñ░αÑìαñ«αñ╛αññαñ╛αñôαñé αñòαÑç αñ╣αñ╛αñ▓αñ┐αñ»αñ╛ αñåαñéαñòαñíαñ╝αÑç αñçαñ╕ αñ¼αñªαñ▓αñ╛αñ╡ αñòαÑÇ αñàαñ╣αñ«αñ┐αñ»αññ αñòαÑï αñöαñ░ αñ«αñ£αñ¼αÑéαññ αñòαñ░αññαÑç αñ╣αÑêαñéαÑñ αñÅαñ╕αñåαñêαñÅαñÅαñ« (αñ╕αñ┐αñ»αñ╛αñ«) αñòαÑç αñàαñ¿αÑüαñ╕αñ╛αñ░, αñàαñ¬αÑìαñ░αÑêαñ▓ αñ╕αÑç αñ£αÑüαñ▓αñ╛αñê 2025 αñòαÑç αñ¼αÑÇαñÜ αñ¬αÑêαñ╕αÑçαñéαñ£αñ░ αñ╡αÑìαñ╣αÑÇαñòαñ▓ αñòαÑÇ αñ¼αñ┐αñòαÑìαñ░αÑÇ 0.7% αñöαñ░ αñƒαÑé-αñ╡αÑìαñ╣αÑÇαñ▓αñ░ αñòαÑÇ αñ¼αñ┐αñòαÑìαñ░αÑÇ 2.9% αñÿαñƒαÑÇ αñ╣αÑêαÑñ
राहत मिली तो आकर्षक विकल्प बन जाएंगी छोटी कारें
कंपनियां उम्मीद कर रही हैं कि महंगाई कम होने, ब्याज दरों में गिरावट और अच्छे मानसून से उपभोक्ता मांग में तेजी आएगी। मारुति सुजुकी और हीरो मोटोकॉर्प जैसी बड़ी कंपनियाँ भी दूसरी तिमाही और त्योहारों से बिक्री में सुधार की उम्मीद लगाए बैठी हैं। छोटी कारों का बाजार, जो पिछले कई सालों से लगातार कमजोर प्रदर्शन कर रहा है, इस सुधार से संभल सकता है। पांच लाख रुपए से कम कीमत वाली छोटी कारों की बिक्री 2016 में 10 लाख से ज्यादा यूनिट थी, लेकिन 2025 तक यह घटकर सिर्फ 25,402 यूनिट रह गई। 2020 में कुल कार बिक्री में हैचबैक की हिस्सेदारी 47% थी, जो 2024 तक घटकर केवल 24% रह गई। यदि कर में राहत मिलती है तो उपभोक्ताओं के लिए ये कारें फिर से आकर्षक विकल्प बन सकती हैं और इनकी बिक्री में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। जीएसटी संरचना में होने वाला यह बदलाव उपभोक्ताओं के लिए राहत और ऑटो उद्योग के लिए नए अवसर लेकर आ सकता है। हालांकि, निकट भविष्य में बिक्री में गिरावट देखने को मिल सकती है।

















