राजधानी में 90 प्रतिशत तक घटी अंडों की खपत, कई दुकानदारों ने दुकानें ही बंद कर दीं

आम दिनों में 5 लाख अंडों की हर रोज होती थी खपत जो अब घटकर 1 लाख रह गई
राजधानी में 90 प्रतिशत तक घटी अंडों की खपत, कई दुकानदारों ने दुकानें ही बंद कर दीं
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    बृजेंद्र वर्मा, भोपाल।
    राजधानी में नवरात्र के चलते अंडों का कारोबार में 90 प्रतिशत की कमी आ गई है। आम दिनों में शहर में हर दिन 5 लाख अंडों की खपत होती थीं जो अब घटकर 1 लाख रह गई है। ऐसे में कई अंडों के थोक व बड़े फुटकर व्यापारियों ने पोल्ट्री फार्म से अंडे खरीदना बंद कर दिया है। एक दर्जन बड़े व्यवसायी अंडों को खरीदकर कोल्ड स्टोरेज में रख रहे हैं, जिससे नवरात्र के बाद अंडों को बेच सकें।
    पुराने शहर के अंडों के थोक व्यवसायी प्रीतम साहू ने बताया कि नवरात्र में अंडों के हिंदू कारोबारियों ने अपनी दुकानें बंद कर दी हैं, क्योंकि अंडों की बिक्री नहीं हो रही है। अब दशहरा के बाद कारोबार शुरू करेंगे।

    पोल्ट्री फॉर्म से नहीं निकल रहे अंडे

    भोपाल के आसपास करीब 25 पोल्ट्री फॉर्म हैं। इनसे थोक व्यवसायी लोडिंग वाहनों के जरिए अंडों को बुलवाते हैं। जानकारी के अनुसार फॉर्म से अंडे कारोबारी नहीं ले रहे हैं। थोक व्यवसायी से शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में इन्हें सप्लाई करते हैं। नए शहर सहित उपनगर कोलार, भेल, बैरागढ़ में लगने वाले अ​धिकांश अंडों के ठेले व गुम​ठियां बंद हैं।

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    कन्फेडरशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के पूर्व अध्यक्ष विवेक साहू ने बताया कि ठंड के मौसम में अंडों की खपत बढ़ जाती है। भोपाल में 5 लाख से बढ़कर 8 लाख अंडों की खपत होने लगती है। अंडों के व्यवसाय में 30 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हो जाती है। इससे 5 से 6 रुपए का थोक में मिलने वाला 1 अंडा 7 से 8 रुपए का बिकता है। वहीं फुटकर में इसकी कीमत 10 रुपए तक हो जाती है।

    अंडों के कारोबार पर एक नजर

    सामान्य दिनों में हर दिन 30 लाख रुपए का कारोबार।
    नवरात्र में 06 लाख रुपए के हर रोज बिक रहे अंडे।

    15 दिनों तक बिना फ्रीज के अंडा अच्छा रहता है।
    (नोट : आंकड़े शहर के थोक व फुटकर अंडे कारोबारियों से मिली जानकारी के अनुसार

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    By vikrant gupta

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