प्रदेश में बड़े सियासी कद वाले नेताओं को 'एडजस्ट' करने को लेकर भाजपा संगठन के सामने पैदा हुआ धर्मसंकट

वीडी, नरोत्तम, पवैया, भार्गव, भूपेंद्र, पचौरी व भदौरिया जैसे वरिष्ठ नेताओं की अगली भूमिका पर अटकी सबकी नजरें
प्रदेश में बड़े सियासी कद वाले नेताओं को 'एडजस्ट' करने को लेकर भाजपा संगठन के सामने पैदा हुआ धर्मसंकट

राजीव सोनी

भोपाल। मध्य प्रदेश में सत्ता-संगठन के प्रमुख और पार्टी हाईकमान के सामने सीनियर और बड़े कद के नेताओं को एडजस्ट करने का धर्मसंकट पैदा हो गया है। इनमें ऐसे हाईप्रोफाइल और दिग्गज नेता भी शामिल हैं, जो मौजूदा नेतृत्व से उम्र और अनुभव में सीनियर है। स्थिति यह है कि प्रदेश भाजया अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की टीम में महामंत्री-उपाध्यक्ष पद अथवा निगम-मंडल की ताजपोशी भी इनके सियासी कद के लिहाज से फिट नहीं मानी जा रही। उन्हें इन पदों का आकर्षण भी नहीं है। ऐसे में इनका उपयोग कहां किया जाए, इस पर बड़ी असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है। मंत्रिमंडल और भाजपा संगठन की राष्ट्रीय टीम में स्थान बहुत सीमित हैं। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष खंडेलवाल ने 2 जुलाई को पार्टी की कमान संभाली थी, अब तक उनकी कार्यकारिणी का गठन नहीं हो सका है। फिलहाल जिला अध्यक्षों की टीम के ऐलान संबंधी रायशुमारी के बाद की प्रक्रिया चल रही है।

ये भी पढ़ें: डिजिटल कंटेंट को नेक्स्ट लेवल पर ले जाने के लिए भोपाल में 31 अगस्त को नामी क्रिएटर्स से मिलेंगे इन्फ्लुएंसर्स

वीडी की भूमिका क्या होगी?

αñªαñ┐αñùαÑìαñùαñ£ αñöαñ░ αñ¼αñíαñ╝αÑç αñ╕αñ┐αñ»αñ╛αñ╕αÑÇ αñòαñª αñòαÑç αñçαñ¿ αñ¿αÑçαññαñ╛αñôαñé αñ«αÑçαñé αñ¬αÑìαñ░αñ«αÑüαñû αñ¿αñ╛αñ« αñ╡αÑÇαñíαÑÇ αñ╢αñ░αÑìαñ«αñ╛ αñòαñ╛ αñ╣αÑêαÑñ αñëαñ¿αÑìαñ╣αÑçαñé αñòαÑçαñéαñªαÑìαñ░αÑÇαñ» αñ«αñéαññαÑìαñ░αñ┐αñ«αñéαñíαñ▓ αñ«αÑçαñé αñ▓αñ┐αñÅ αñ£αñ╛αñ¿αÑç αñ»αñ╛ αñ░αñ╛αñ╖αÑìαñƒαÑìαñ░αÑÇαñ» αñ╕αñéαñùαñáαñ¿ αñ«αÑçαñé αñ╕αÑìαñÑαñ╛αñ¿ αñªαñ┐αñÅ αñ£αñ╛αñ¿αÑç αñòαÑÇ αñàαñƒαñòαñ▓αÑç αñÜαñ▓ αñ░αñ╣αÑÇ αñ╣αÑêαñé, αñ▓αÑçαñòαñ┐αñ¿ αñàαñ¼ αññαñò αñ╕αÑìαñÑαñ┐αññαñ┐ αñ╕αñ╛αñ½ αñ¿αñ╣αÑÇαñé αñ╣αÑüαñê αñ╣αÑêαÑñ

αñçαñ¿ αñ¿αñ╛αñ«αÑïαñé αñ¬αñ░ αñ¡αÑÇ αñºαñ░αÑìαñ«-αñ╕αñéαñòαñƒ 

पूर्व मंत्री डॉ. नरोतम मिश्रा का नाम भी ऐसे ही वरिष्ठ नेताओं की श्रेणी में है। विधानसभा चुनाव 2023 हारने के बाद उनके सियासी पुनर्वास पर सबकी नजरें है। पूर्व मंत्री अरविंद भदौरिया और गौरीशंकर बिसेन के पास भी विधानसभा चुनाव के बाद से कोई जिम्मेदारी नहीं है। उधर, जयभान सिंह पवैया भी अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं।

ये भी पढ़ें: ट्रंप की चेतावनी के बाद भी देश में निवेश और उत्पादन जारी रखेगा एप्पल, केंद्र सरकार को किया आश्वस्त

αñ¿αÑçαññαñ╛αñôαñé αñòαÑÇ αñ▓αñùαÑÇ αñåαñéαñûαÑçαñé, αñ▓αñéαñ¼αñ╛ αñ╣αÑüαñå αñ¬αñÜαÑîαñ░αÑÇ αñòαñ╛ αñçαñéαññαñ£αñ╛αñ░  

αñ¬αÑéαñ░αÑìαñ╡ αñ«αñéαññαÑìαñ░αÑÇ αñùαÑïαñ¬αñ╛αñ▓ αñ¡αñ╛αñ░αÑìαñùαñ╡ αñöαñ░ αñ¡αÑéαñ¬αÑçαñéαñªαÑìαñ░ αñ╕αñ┐αñéαñ╣ αñ¡αÑÇ αñ«αñéαññαÑìαñ░αÑÇ αñ¬αñª αñòαÑç αñ«αñ£αñ¼αÑéαññ αñªαñ╛αñ╡αÑçαñªαñ╛αñ░ αñ«αñ╛αñ¿αÑç αñ£αñ╛ αñ░αñ╣αÑç αñ╣αÑêαñéαÑñ αñ¬αÑéαñ░αÑìαñ╡ αñ╕αñ╛αñéαñ╕αñª αñòαÑçαñ¬αÑÇ αñ»αñ╛αñªαñ╡ αñöαñ░ αñ╕αñéαñùαñáαñ¿ αñÜαÑüαñ¿αñ╛αñ╡ αñ¬αÑìαñ░αñ¡αñ╛αñ░αÑÇ αñ░αñ╣αÑç αñ╡αñ┐αñ╡αÑçαñò αñ╢αÑçαñ£αñ╡αñ▓αñòαñ░ αñ¡αÑÇ αñçαñ╕αÑÇ αñëαñ«αÑìαñ«αÑÇαñª αñ«αÑçαñé αñ¼αÑêαñáαÑç αñ╣αÑêαñéαÑñ αñ╡αñ░αñ┐αñ╖αÑìαñá αñ¿αÑçαññαñ╛αñôαñé αñòαÑÇ αñ½αÑçαñ╣αñ░αñ┐αñ╕αÑìαññ αñ«αÑçαñé αñòαñ╛αñéαñùαÑìαñ░αÑçαñ╕ αñ¼αÑêαñòαñùαÑìαñ░αñ╛αñëαñéαñí αñ╡αñ╛αñ▓αÑç αñòαñê αñªαñ┐αñùαÑìαñùαñ£ αñ¿αÑçαññαñ╛ αñ¡αÑÇ αñ╣αÑêαñéαÑñ αñçαñ¿αñ«αÑçαñé αñ¬αÑéαñ░αÑìαñ╡ αñòαÑçαñéαñªαÑìαñ░αÑÇαñ» αñ«αñéαññαÑìαñ░αÑÇ αñ╕αÑüαñ░αÑçαñ╢ αñ¬αñÜαÑîαñ░αÑÇ αñ╡αñ░αñ┐αñ╖αÑìαñáαññαñ╛ αñòαÑç αñ╣αñ┐αñ╕αñ╛αñ¼ αñ╕αÑç αñàαñ¬αñ¿αÑç αñ¬αÑüαñ¿αñ░αÑìαñ╡αñ╛αñ╕ αñòαÑÇ αñ¬αÑìαñ░αññαÑÇαñòαÑìαñ╖αñ╛ αñ«αÑçαñé αñ╣αÑêαÑñ αñëαñ¿αñòαÑÇ αñëαñ«αÑìαñ░ αñ╕αñéαñ¼αñéαñºαÑÇ αñ╡αñ░αñ┐αñ╖αÑìαñáαññαñ╛ αñöαñ░ αñ╕αñ┐αñ»αñ╛αñ╕αÑÇ αñòαñª αñ¡αÑÇ αñ¬αÑìαñ░αñªαÑçαñ╢ αñòαñ╛αñ░αÑìαñ»αñòαñ╛αñ░αñ┐αñúαÑÇ αñòαÑç αñ¬αñªαñ╛αñºαñ┐αñòαñ╛αñ░αÑÇ αñöαñ░ αñ¿αñ┐αñùαñ« αñöαñ░ αñ«αñéαñíαñ▓ αñ╕αÑç αñèαñéαñÜαñ╛ αñ«αñ╛αñ¿αñ╛ αñ£αñ╛ αñ░αñ╣αñ╛ αñ╣αÑêαÑñ 

Aniruddh Singh
By Aniruddh Singh

अनिरुद्ध प्रताप सिंह। नवंबर 2024 से पीपु...

Latest Posts