दिसंबर में भारत आएंगे पुतिन : यूक्रेन युद्ध के बाद रूस के राष्ट्रपति का पहला इंडिया दौरा, क्रेमलिन ने की पुष्टि

दिसंबर में भारत आएंगे पुतिन : यूक्रेन युद्ध के बाद रूस के राष्ट्रपति का पहला इंडिया दौरा, क्रेमलिन ने की पुष्टि
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    मॉस्को/नई दिल्ली। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन इस साल दिसंबर 2025 में भारत की आधिकारिक यात्रा पर आएंगे। रूस के राष्ट्रपति भवन क्रेमलिन ने इसकी पुष्टि की है। यह दौरा इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि फरवरी 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद पुतिन का यह पहला भारत दौरा होगा।

    वैश्विक दबाव के बीच भारत-रूस साझेदारी

    पुतिन का भारत दौरा ऐसे समय पर हो रहा है जब अमेरिका ने भारत पर रूस से तेल खरीद जारी रखने के कारण 50% टैरिफ लगा दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का आरोप है कि भारत की इस खरीद से रूस को युद्ध जारी रखने में मदद मिल रही है। भारत ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उसका तेल व्यापार पूरी तरह से राष्ट्रीय हित और बाज़ार आधारित नीतियों पर टिका है।

    SCO समिट में होगी मोदी-पुतिन मुलाकात

    पुतिन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगली मुलाकात 1 सितंबर को चीन के तियानजिन में होने वाले शंघाई सहयोग संगठन (SCO) समिट में होगी। क्रेमलिन के अधिकारी यूरी उशाकोव ने बताया कि इसी मुलाकात में दिसंबर की भारत यात्रा की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा होगी।

    अजित डोभाल ने पहले दिए थे संकेत

    भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने इसी महीने मॉस्को यात्रा के दौरान पुतिन से मुलाकात की थी। डोभाल ने कहा था कि, भारत-रूस संबंध बेहद खास और ऐतिहासिक हैं और इन्हें और गहराई देने की जरूरत है। उसी समय पुतिन की भारत यात्रा को लेकर संकेत मिले थे।

    आखिरी बार 2021 में आए थे भारत

    पुतिन ने आखिरी बार दिसंबर 2021 में भारत का दौरा किया था। उस समय उनकी यात्रा केवल 4 घंटे की थी, लेकिन इस दौरान 28 अहम समझौते हुए थे, जिनमें रक्षा और तकनीकी सहयोग शामिल था। अब दिसंबर 2025 का यह दौरा दोनों देशों के लिए नया आर्थिक रोडमैप तय करने में मददगार साबित हो सकता है।

    अमेरिका-भारत तनाव और नए समीकरण

    डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए अतिरिक्त 25% टैरिफ ने भारत और अमेरिका के रिश्तों में तनाव बढ़ा दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे समय में पुतिन का दौरा भारत-रूस संबंधों को और गहरा करेगा और वैश्विक स्तर पर भारत को नई कूटनीतिक मजबूती देगा।

    रक्षा, ऊर्जा और व्यापार पर रहेगा फोकस

    पुतिन के इस दौरे के दौरान मुख्य रूप से ऊर्जा, रक्षा और आर्थिक सहयोग पर फोकस रहेगा। भारत और रूस ने अपने द्विपक्षीय व्यापार को आने वाले वर्षों में 100 अरब डॉलर से अधिक तक ले जाने का लक्ष्य रखा है। वर्तमान में यह करीब 60 अरब डॉलर के आसपास है।

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    By Manisha Dhanwani

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