टैक्स को लेकर ट्रंप का बड़ा ऐलान : फार्मा प्रोडक्ट पर 100%, किचन कैबिनेट पर 50% टैरिफ लगाया, 1 अक्टूबर से होगा लागू

टैक्स को लेकर ट्रंप का बड़ा ऐलान : फार्मा प्रोडक्ट पर 100%, किचन कैबिनेट पर 50% टैरिफ लगाया, 1 अक्टूबर से होगा लागू
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    वॉशिंगटन डीसी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा आर्थिक फैसला लेते हुए ब्रांडेड या पेटेंटेड दवाओं पर 100% टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। यह नियम 1 अक्टूबर 2025 से लागू होगा। हालांकि, यह टैरिफ उन कंपनियों पर नहीं लगेगा, जो अमेरिका में ही दवा बनाने के लिए अपने मैन्युफैक्चरिंग प्लांट की स्थापना कर रही हैं।

    भारत पहले से ही झेल रहा है 50% टैरिफ

    भारत पर अमेरिका ने पहले ही 27 अगस्त 2025 से 50% टैरिफ लागू कर दिया था। इस टैक्स का असर कपड़े, जेम्स-ज्वेलरी, फर्नीचर और सी-फूड जैसे प्रोडक्ट्स पर पड़ा है। हालांकि, उस समय दवाओं को इससे बाहर रखा गया था। अब नए नियम के बाद ब्रांडेड दवाइयों पर भी असर देखने को मिलेगा।

    जेनेरिक दवाओं को टैरिफ से छूट

    अमेरिका ने जेनेरिक दवाओं को 100% टैरिफ से बाहर रखा है। इसकी बड़ी वजह यह है कि, जेनेरिक दवाएं ब्रांडेड दवाओं से 80-90% तक सस्ती होती हैं और अमेरिकी हेल्थकेयर सिस्टम इन्हीं पर बहुत ज्यादा निर्भर है। अगर इन पर टैक्स बढ़ा दिया जाता तो अमेरिका में इलाज बेहद महंगा हो जाता और आम नागरिकों की जेब पर सीधा असर पड़ता।

    क्यों लगाया गया ब्रांडेड दवाओं पर टैक्स?

    ट्रम्प प्रशासन का मानना है कि, दवाओं की सप्लाई चेन पर पूरी तरह से दूसरे देशों पर निर्भर रहना अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है। महामारी के समय यह साफ हो चुका है कि अगर सप्लाई बाधित होती है तो अमेरिका में दवाओं की भारी कमी हो सकती है। इसीलिए "मेक इन अमेरिका" नीति के तहत ट्रंप चाहते हैं कि दवा कंपनियां अपने प्लांट अमेरिका में लगाएं और यहां ही उत्पादन करें।

    ट्रंप ने कहा- '1 अक्टूबर से हम ब्रांडेड या पेटेंटेड दवाई पर 100% टैरिफ लगा देंगे, सिवाय उन कंपनियों के जो अमेरिका में अपना दवा बनाने वाला प्लांट लगा रही हैं। 'लगा रही हैं' का मतलब होगा कंस्ट्रक्शन चल रहा है। इसलिए, अगर कंस्ट्रक्शन शुरू हो गया है, तो उन दवाइयों पर कोई टैक्स नहीं लगेगा।'

    Uploaded media

    भारत पर असर- सबसे बड़ा जेनेरिक दवा निर्यातक

    • αñ¡αñ╛αñ░αññ αñªαÑüαñ¿αñ┐αñ»αñ╛ αñ«αÑçαñé αñ£αÑçαñ¿αÑçαñ░αñ┐αñò αñªαñ╡αñ╛αñôαñé αñòαñ╛ αñ╕αñ¼αñ╕αÑç αñ¼αñíαñ╝αñ╛ αñ¿αñ┐αñ░αÑìαñ»αñ╛αññαñò αñ╣αÑêαÑñ 2024 αñ«αÑçαñé αñ¡αñ╛αñ░αññ αñ¿αÑç αñàαñ«αÑçαñ░αñ┐αñòαñ╛ αñòαÑï αñòαñ░αÑÇαñ¼ 8.73 αñàαñ░αñ¼ αñíαÑëαñ▓αñ░ (αñ▓αñùαñ¡αñù 77 αñ╣αñ£αñ╛αñ░ αñòαñ░αÑïαñíαñ╝ αñ░αÑüαñ¬αñÅ) αñòαÑÇ αñªαñ╡αñ╛αñçαñ»αñ╛αñé αñ¡αÑçαñ£αÑÇαñéαÑñ αñ»αñ╣ αñ¡αñ╛αñ░αññ αñòαÑç αñòαÑüαñ▓ αñªαñ╡αñ╛ αñ¿αñ┐αñ░αÑìαñ»αñ╛αññ αñòαñ╛ αñ▓αñùαñ¡αñù 31% αñ╣αÑêαÑñ
    • αñàαñ«αÑçαñ░αñ┐αñòαñ╛ αñ«αÑçαñé αñíαÑëαñòαÑìαñƒαñ░αÑïαñé αñòαÑÇ αñ¬αÑìαñ░αñ┐αñ╕αÑìαñòαÑìαñ░αñ┐αñ¬αÑìαñ╢αñ¿ αñ«αÑçαñé αñ╣αñ░ 10 αñ«αÑçαñé αñ╕αÑç 4 αñªαñ╡αñ╛αñçαñ»αñ╛αñé αñ¡αñ╛αñ░αññαÑÇαñ» αñòαñéαñ¬αñ¿αñ┐αñ»αÑïαñé αñòαÑÇ αñ╣αÑïαññαÑÇ αñ╣αÑêαñéαÑñ
    • αñ╕αñ┐αñ░αÑìαñ½ 2022 αñ«αÑçαñé αñ╣αÑÇ αñ£αÑçαñ¿αÑçαñ░αñ┐αñò αñªαñ╡αñ╛αñôαñé αñòαÑÇ αñ╡αñ£αñ╣ αñ╕αÑç αñàαñ«αÑçαñ░αñ┐αñòαÑÇ αñ╣αÑçαñ▓αÑìαñÑαñòαÑçαñ»αñ░ αñ╕αñ┐αñ╕αÑìαñƒαñ« αñòαÑï 219 αñàαñ░αñ¼ αñíαÑëαñ▓αñ░ αñòαÑÇ αñ¼αñÜαññ αñ╣αÑüαñê αñÑαÑÇαÑñ

    भारत की टॉप फार्मा कंपनियां जो अमेरिका को दवा भेजती हैं

    • αñ╕αñ¿ αñ½αñ╛αñ░αÑìαñ«αñ╛ – Γé╣12,500 αñòαñ░αÑïαñíαñ╝
    • αñíαÑë. αñ░αÑçαñíαÑìαñíαÑÇαñ£ – Γé╣10,000 αñòαñ░αÑïαñíαñ╝
    • αñ╕αñ┐αñ¬αÑìαñ▓αñ╛ – Γé╣6,700 αñòαñ░αÑïαñíαñ╝
    • αñ▓αÑìαñ»αÑéαñ¬αñ┐αñ¿ – Γé╣5,850 αñòαñ░αÑïαñíαñ╝
    • αñàαñ░αÑïαñ¼αñ┐αñéαñªαÑï αñ½αñ╛αñ░αÑìαñ«αñ╛ – Γé╣5,425 αñòαñ░αÑïαñíαñ╝

    (सभी आंकड़े 2024 के हैं। सोर्स: कंपनियों की एनुअल रिपोर्ट)

    ब्रांडेड बनाम जेनेरिक दवा: क्या अंतर है?

    ब्रांडेड दवाएं:

    • αñòαñ┐αñ╕αÑÇ αñòαñéαñ¬αñ¿αÑÇ αñòαÑÇ αñ░αñ┐αñ╕αñ░αÑìαñÜ αñöαñ░ αñûαÑïαñ£ αñ╕αÑç αñ¼αñ¿αÑÇ αñôαñ░αñ┐αñ£αñ┐αñ¿αñ▓ αñªαñ╡αñ╛αÑñ
    • αñÅαñò αññαñ» αñ╕αñ«αñ» αññαñò (αñ▓αñùαñ¡αñù 20 αñ╕αñ╛αñ▓) αñ¬αÑçαñƒαÑçαñéαñƒ αñ╕αÑüαñ░αñòαÑìαñ╖αñ╛ αñ░αñ╣αññαÑÇ αñ╣αÑêαÑñ
    • αñòαÑÇαñ«αññ αñ¼αñ╣αÑüαññ αñ£αÑìαñ»αñ╛αñªαñ╛ αñ╣αÑïαññαÑÇ αñ╣αÑê αñòαÑìαñ»αÑïαñéαñòαñ┐ αñ░αñ┐αñ╕αñ░αÑìαñÜ αñòαñ╛ αñûαñ░αÑìαñÜ αñ¿αñ┐αñòαñ╛αñ▓αñ¿αñ╛ αñ╣αÑïαññαñ╛ αñ╣αÑêαÑñ

    जेनेरिक दवाएं:

    • αñ¼αÑìαñ░αñ╛αñéαñíαÑçαñí αñªαñ╡αñ╛ αñòαñ╛ αñ¬αÑçαñƒαÑçαñéαñƒ αñûαññαÑìαñ« αñ╣αÑïαñ¿αÑç αñòαÑç αñ¼αñ╛αñª αñ¼αñ¿αñ╛αñê αñ£αñ╛αññαÑÇ αñ╣αÑêαñéαÑñ
    • αñ╕αñ«αñ╛αñ¿ αñ½αÑëαñ░αÑìαñ«αÑéαñ▓αÑç αñ╕αÑç αññαÑêαñ»αñ╛αñ░ αñ╣αÑïαññαÑÇ αñ╣αÑêαñé αñ▓αÑçαñòαñ┐αñ¿ αñ░αñ┐αñ╕αñ░αÑìαñÜ αñòαñ╛ αñûαñ░αÑìαñÜ αñ¿αñ╣αÑÇαñé αñ£αÑïαñíαñ╝αñ¿αñ╛ αñ¬αñíαñ╝αññαñ╛αÑñ
    • αñ¼αÑìαñ░αñ╛αñéαñíαÑçαñí αñªαñ╡αñ╛αñôαñé αñòαÑÇ αññαÑüαñ▓αñ¿αñ╛ αñ«αÑçαñé 80-90% αññαñò αñ╕αñ╕αÑìαññαÑÇαÑñ

    अन्य उत्पादों पर भी टैरिफ

    सिर्फ दवाएं ही नहीं, बल्कि अमेरिका ने अन्य प्रोडक्ट्स पर भी नए टैरिफ लगाए हैं।

    • αñòαñ┐αñÜαñ¿ αñòαÑêαñ¼αñ┐αñ¿αÑçαñƒ αñöαñ░ αñ¼αñ╛αñÑαñ░αÑéαñ« αñ╡αÑêαñ¿αñ┐αñƒαÑÇ – 50% αñƒαÑêαñ░αñ┐αñ½
    • αñàαñ¬αñ╣αÑïαñ▓αÑìαñ╕αÑìαñƒαñ░αÑìαñí αñ½αñ░αÑìαñ¿αÑÇαñÜαñ░ (αñ½αÑïαñ«/αñùαñªαÑìαñªαÑçαñªαñ╛αñ░ αñ½αñ░αÑìαñ¿αÑÇαñÜαñ░) – 30% αñƒαÑêαñòαÑìαñ╕
    • αñ¼αñíαñ╝αÑç αñƒαÑìαñ░αñò – 25% αñƒαÑêαñ░αñ┐αñ½

    ट्रंप का कहना है कि, विदेशी उत्पाद अमेरिकी बाजार को सस्ते दामों पर भर रहे हैं, जिससे स्थानीय मैन्युफैक्चरिंग को नुकसान हो रहा है। यही वजह है कि वे इस तरह के आयात पर रोक लगाने के लिए कदम उठा रहे हैं।

    भारत-अमेरिका व्यापार संबंध

    भारत हर साल अमेरिका को करीब ₹7.59 लाख करोड़ का निर्यात करता है।

    • αñ«αñ╢αÑÇαñ¿αñ░αÑÇ – Γé╣1.68 αñ▓αñ╛αñû αñòαñ░αÑïαñíαñ╝ (22.14%)
    • αñçαñ▓αÑçαñòαÑìαñƒαÑìαñ░αÑëαñ¿αñ┐αñò αñ╕αñ╛αñ«αñ╛αñ¿ – Γé╣1.28 αñ▓αñ╛αñû αñòαñ░αÑïαñíαñ╝ (16.92%)
    • αñªαñ╡αñ╛αñÅαñé αñöαñ░ αñ½αñ╛αñ░αÑìαñ«αñ╛ – Γé╣0.92 αñ▓αñ╛αñû αñòαñ░αÑïαñíαñ╝ (12.15%)
    • αñ░αññαÑìαñ¿ αñöαñ░ αñ£αÑìαñ╡αÑçαñ▓αñ░αÑÇ – Γé╣0.87 αñ▓αñ╛αñû αñòαñ░αÑïαñíαñ╝ (11.49%)
    • αñ░αÑçαñíαÑÇαñ«αÑçαñí αñùαñ╛αñ░αñ«αÑçαñéαñƒαÑìαñ╕ – Γé╣0.82 αñ▓αñ╛αñû αñòαñ░αÑïαñíαñ╝ (10.78%)
    Manisha Dhanwani
    By Manisha Dhanwani

    Latest Posts