मिशिगन की टॉर्च लेक में 100 साल पुराने जहर की सफाई शुरू, 20 करोड़ टन कचरे से मुक्त होगी झील

मिशिगन। अमेरिका के मिशिगन के अपर पेनिनसुला में स्थित टॉर्च लेक की सतह के नीचे पिछले 100 सालों से तांबे की माइनिंग का खतरनाक कचरा जमा है। करीब 20 करोड़ टन इस कचरे को अब साफ करने का काम शुरू हो गया है। अमेरिकी पर्यावरण संरक्षण एजेंसी (EPA) ने 15 जून 2026 को ऐलान किया कि उसने लेक लिंडन रिक्रिएशन एरिया में 12 मिलियन डॉलर की लागत से सफाई अभियान शुरू कर दिया है। इस प्रोजेक्ट का मकसद लेड, जिंक और पॉलीक्लोरीनेटेड बाइफिनाइल्स (PCBs) से दूषित तलछट को निकालना है। EPA के मुताबिक सफाई के दौरान कैंपग्राउंड और मरीना खुले रहेंगे, लेकिन 2026 के पूरे सीजन के लिए बीच को बंद रखा गया है। अधिकारियों का कहना है कि इस क्लीनअप के बाद मछली और वन्यजीवों के सेवन को लेकर जारी एडवाइजरी पर दोबारा विचार किया जा सकता है।
टॉर्च लेक में ऐसे जमा हुआ 20 करोड़ टन कचरा
EPA के अनुसार इस इलाके में तांबे की खदानें 1840 के दशक में शुरू हुई थीं और 1968 तक चलती रहीं। इस दौरान माइनिंग से निकले स्टैम्प सैंड्स (बारीक कचरा) सीधे झील में डाला गया। धीरे-धीरे यही कचरा 20 करोड़ टन तक पहुंच गया और पूरी झील की तलहटी को ढक दिया। शिकागो स्थित EPA के रीजनल ऑफिस ने कहा कि यह नया प्रोजेक्ट झील और उसके आसपास के प्रदूषण को खत्म करने के लिए चल रहे लंबे अभियान का हिस्सा है।
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प्रोजेक्ट में यह होगा
यह सफाई अभियान मिशिगन के लेक लिंडन रिक्रिएशन एरिया पर फोकस है। EPA की टीम यहां से करीब 13,300 क्यूबिक यार्ड कंटेमिनेटेड सेडीमेंट्स (दूषित तलछट) हटाएगी जो लेड, जिंक और इंडस्ट्रियल केमिकल PCBs से बुरी तरह दूषित है। दूषित मिट्टी को निकालने के बाद खोदे गए हिस्सों को साफ मिट्टी और रेत से भरा जाएगा, ताकि झील का इकोसिस्टम दोबारा बहाल हो सके। एजेंसी ने नाव चलाने वालों से भी अपील की है कि वे सफाई में लगी मशीनों से दूरी बनाए रखें।




















