A380 से भी बड़ा! चीन बना रहा 800 यात्रियों वाला फ्लाइंग-विंग विमान, B-2 बॉम्बर से 1.6 गुना बड़े पंख

बीजिंग। चीन ने एविएशन की दुनिया में एक नया कॉन्सेप्ट पेश किया है। साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट (SCMP) के मुताबिक चीनी रिसर्चर्स ने एक 'फ्लाइंग-विंग' पैसेंजर एयरक्राफ्ट का एरोडायनामिक मॉडल तैयार किया है, जिसमें 800 से ज्यादा यात्री बैठ सकेंगे, यह विमान A380 से बड़ा होगा। यह डिजाइन चाइना एरोडायनामिक्स रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेंटर की तरफ से आया है। अभी तक इसका पूरा एयरक्राफ्ट नहीं बना है, लेकिन 1:52 स्केल के स्टेनलेस स्टील मॉडल का ट्रांसोनिक विंड टनल में Mach 0.4 से 0.8 की स्पीड पर सफल टेस्ट किया गया है। चीन इसके अलावा 280 सीटों वाले लंबी दूरी के वाइडबॉडी जेट C929 पर भी तेजी से काम कर रहा है।इस प्लेन की पहली उड़ान 2030 के आसपास होने की उम्मीद है। साथ ही चीन C949 सुपरसोनिक एयरलाइनर पर भी काम कर रहा है। इसकी तुलना NASA के X-59 सुपरसोनिक टेक्नोलॉजी प्रोजेक्ट से की जा रही है।
कितना बड़ा है चीन का फ्लाइंग-विंग जेट
SCMP रिपोर्ट के अनुसार यह प्रस्तावित विमान 85 मीटर (लगभग 280 फीट) चौड़ा और 43 मीटर लंबा है। इसके पंखों का फैलाव अमेरिकी B-2 स्पिरिट स्टील्थ बॉम्बर के मुकाबले करीब 1.6 गुना ज्यादा है। तुलना करें तो दुनिया का सबसे बड़ा पैसेंजर जेट एयरबस A380 में सामान्य तौर पर 555 यात्रियों के बैठने की व्यवस्था होती है, जबकि इस चीनी कॉन्सेप्ट में 800 से ज्यादा लोगों को ले जाने की क्षमता होगी। रिपोर्ट में बताया गया है कि फाइनल डिजाइन में विंग का रेफरेंस एरिया लगभग 1,395 वर्ग मीटर (15,015 वर्ग फीट) है। इसका लीडिंग एज 37 डिग्री और ट्रेलिंग एज 28 डिग्री के एंगल पर डिजाइन किया गया है, जो इसे हाई-स्पीड पर बेहतर एरोडायनामिक्स देगा। इसकी क्रूज स्पीड Mach 0.8 (करीब 988 किमी/घंटा) रखी गई है।
800 सीटर फ्लाइंग-विंग जेट किसने बनाया
यह कॉन्सेप्ट चीन के नेशनल इंस्टीट्यूट एरोडायनामिक्स रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेंटर (CARDC) ने तैयार किया है। यही संस्थान C919 नैरोबॉडी एयरलाइनर और Y-20 ट्रांसपोर्ट प्लेन जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स में अहम भूमिका निभा चुका है। इससे जुड़ी जानकारी चीनी जर्नल 'एयरोस्पेस पावर' में प्रकाशित हुई थी। रिपोर्ट के मुताबिक यह डिजाइन लंबी और पतली फ्लाइंग-विंग शेप के लिए विंड टनल, कंप्यूटेशनल मेथड और टेस्टिंग इक्विपमेंट को वेरिफाई करने के लिए एक स्टैंडर्ड मॉडल के तौर पर काम करेगा। रिसर्चर्स ने शुरुआत में 250 सीटों वाले एयरक्राफ्ट का लेआउट बनाया था। यह एयरबस A330 और बोइंग 767 जैसे वाइडबॉडी जेट्स के बराबर था। बाद में इसे बढ़ाकर 800 यात्रियों की कैटेगरी में अपग्रेड किया गया। यह प्रोजेक्ट चीन की 13वीं पंचवर्षीय योजना (2016-2020) के दौरान बड़े ट्विन-आइल वाइडबॉडी एयरलाइनर बनाने के मिशन के तहत शुरू हुआ था।
विंड टनल टेस्ट में यह जांचा गया
अभी तक इसका फुल-साइज एयरक्राफ्ट नहीं बना है। टीम फिलहाल 1:52 स्केल के स्टेनलेस स्टील मॉडल पर टेस्टिंग कर रही है, जिसकी लंबाई करीब 0.8 मीटर और विंगस्पैन 1.6 मीटर है। इस मॉडल को CARDC की 2.4-मीटर ट्रांसोनिक विंड टनल में Mach 0.4 से 0.8 के बीच टेस्ट किया गया। इस दौरान एरोडायनामिक खूबियों, बाउंड्री-लेयर ट्रांजिशन, माप की सटीकता, लेटरल और लोंगिट्यूडिनल स्टेबिलिटी और स्ट्रक्चरल डिफॉर्मेशन की जांच की गई। रिसर्चर्स का कहना है कि यह मॉडल फ्लो मैकेनिज्म और एरोइलास्टिसिटी की स्टडी के साथ-साथ नई विंड टनल टेस्टिंग तकनीकों को विकसित करने में भी मददगार होगा।




















